नासिक में सड़ने लगीं फल और सब्जियां

vegetables

लासलगांव

कोरोना के बढ़ते प्रभाव पर अंकुश लगाने के लिए जिले में 12 से 23 तारीख तक कड़े प्रतिबंध लगाये गये हैं। इस वजह से जिले में कृषि उपज मंडी समितियां बंद रहेंगी। बाजार समिति को वैकल्पिक व्यवस्था करके जिम्मेदारी लेनी होगी। बंदी के कारण किसानों को अपना माल बेचने के लिए संकट का सामना करना पड़ रहा है, जबकि शराब लोगों के घरों तक पहुंचाकर बेची जा रही है। इस प्रकार की आलोचना सोशल मीडिया पर की जा रही है। कोरोना की चेन तोड़ने के लिए 10 मई को नाशिक में हुई बैठक में जिले में कड़े लॉकडाउन लगाया गया था, इसलिए एशिया खंड की प्रमुख मंडी समिति लासलगांव के साथ जिले की सभी मंडियां बंद रहेंगी।  इस बंद के कारण जिले में बाजार समिति का दैनिक कारोबार ठप्प हो जाएगा जो करीब 25 करोड़ रुपए है। इसका असर प्याज, टमाटर और सब्जी उत्पादकों पर पड़ेगा।

सौतेला व्यवहार कर रही सरकार

लासलगांव बाजार समिति प्याज के लिए प्रमुख मानी जाती है, यहां प्याज, धान और सब्जियां, टमाटर, अनार और जानवर खरीदी बिक्री से मंडी समिति में करोड़ों रुपयों का वार्षिक व्यवहार किया जाता है। मंडी समिति का प्याज खरीदी बिक्री का बाजार पूरे देश में सबसे बड़ा बाजार है, लेकिन बढ़ती कोरोना मरीजों की संख्या को देखते हुए समिति बंद होने से खेतों के माल की बिक्री कहां की जाए यह प्रश्न किसानों के सामने खड़ा हो गया है। एक ओर लोगों को घर पहुंचा कर शराब दी जा रही है और खाद्य की बिक्री के साथ सरकार सौतला व्यवहार कर रही है।


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