ऑक्सीजन कालाबाजारी का भंडाफोड़

नौ सिलेंडर सहित दो गिरफ्तार

भदोही

क्राइम ब्रांच की टीम ने भदोही में व्यापक स्तर पर हो रही ऑक्सीजन कालाबाजारी का भंडाफोड़ किया है। रविवार को फत्तूपुर स्थित वर्कशाप से नौ जैंबो सिलेंडर और उपकरण के साथ कोविड अस्पताल के सप्लायर सुग्रीव कुमार मोदनवाल और श्याम गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। भदोही कोतवाली में रविवार पत्रकारों से बातचीत में पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रयांक जैन ने बताया कि वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण में ऑक्सीजन की कालाबाजारी को लेकर बहुत शिकायत मिल रही थी। एसपी रामबदन सिंह के निर्देश पर स्वाट प्रभारी विनोद दुबे को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। टीम को सूचना मिली कि भदोही नगर स्थित सालिमपुर फत्तूपुर के पास बंद पड़े अनन्या वर्कशाप से महंगे दाम पर ऑक्सीजन की कालाबाजारी की जा रही है। टीम ने छापेमारी कर सुग्रीव कुमार मोदनवाल और श्याम गुप्ता पुत्र मदनलाल मदनलाल निवासी सालिमपुर फत्तूपुर को गिरफ्तार कर लिया गया है। मौके से नौ ऑक्सीजन के सिलेंडर बरामद किया गया। इसमें छह खाली थे, जबकि तीन में ऑक्सीजन भरे थे। इस दौरान सिलेंडरों के रिफलिंग का 10,920 रुपए बरामद किया गया। आरोपी कोविड अस्पताल भदोही में ऑक्सीजन की सप्लाई करते थे। सरकारी आपूर्ति के बहाने 30 से 40 हजार रुपए लेकर ऑक्सीजन सिलेंडर खुले बाजार में बेचते थे। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 269, 270, 420, 120 बी और महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। टीम में प्रभारी निरीक्षक सदानंद सिंह, तुफैल अहमद, नागेंद्र यादव,नीरज यादव,सुनील कन्नौज, सुभाष सिंह आदि थे। कन्नौज, चालक सुभाष सिंह। वैश्विक महामारी में मानवीय संवेदना मर चुकी है। प्राणवायु के सौदागार धड़ल्ले से सौदेबाजी कर रहे हैं। हुक्मरान जानते हुए भी अंजान बने हुए हैं। स्वास्थ्य कर्मियों के तालमेल से खुले बाजार में ऊंचे दाम लेकर ऑक्सीजन की कालाबाजारी की जा रही है। जैंबो सिलेंडर से छोटे सिलेंडर में रिफिल करने का खेल चलता रहा और महाराजा बलवंत सिंह कोविड अस्पताल लाशें निकलती रहीं। फत्तुपुर निवासी सुग्रीव कुमार मोदनवाल और श्याम गुप्ता प्राइवेट अस्पतालों में आक्सीजन की आपूर्ति करता था। मेहरबान स्वास्थ्य विभाग ने उसे महाराजा बलवंत सिंह कोविड अस्पताल में भी ऑक्सीजन की सप्लाई की जिम्मेदारी सौंप दी। मीरजापुर सहित अन्य जनपदों से वह ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर आता था और कोविड अस्पताल में आपूर्ति करता था। यहीं पर स्वास्थ्य कर्मियों से तालमेल कर छोटे सिलेंडर में रिफिल कर महंगे दाम पर ऑक्सीजन की कालाबाजारी करता था। क्राइम ब्रांच की टीम ने जिसे सप्लायर के पास ऑक्सीजन के लिए भेजा था उससे छह हजार में छोटा सिलेंडर का दाम तय हुआ था। 


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