फड़नवीस ने सोनिया को बताई 'सच्चाई'

'महाविकास अघाड़ी सरकार ने महाराष्ट्र को छोड़ा भगवान भरोसे'


मुंबई 

महाराष्ट्र में नेत प्रतिपक्ष देवेंद्र फड़नवीस ने महाराष्ट्र में कोविड-19 महामारी की स्थिति को लेकर शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे पत्र में कहा कि उन्हें उन राज्यों को, जहां उनकी पार्टी सत्ता में है यह सलाह देनी चाहिए कि कैसे कोविड-19 से निपटा जाए। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री फड़नवीस ने अपने पत्र में राज्य में उच्च मृत्युदर को रेखांकित करते हुए आरोप लगाया कि शिवसेना-कांग्रेस- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की सरकार कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में विदर्भ, मराठवाड़ा और उत्तरी महाराष्ट्र को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में देश के 22 प्रतिशत संक्रमण के मामले हैं, 31 प्रतिशत मौतें और मौजूदा समय में 14 प्रतिशत उपचाराधीन मरीज हैं। भाजपा नेता ने कहा कि अगर महाराष्ट्र सरकार मिलकर काम करे तो कुल मिलाकर देश की स्थिति सुधरेगी। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र को केंद्र से ' अधिकतम मदद मिली जिनमें ' 1.80 करोड़ टीके की खुराक, आठ लाख रेमडेसिविर की खुराक, 1750 मीट्रिक टन ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, बाईपैप और ऑक्सीजन सांद्रक शामिल हैं। फड़नवीस ने महामारी से निपटने के लिए 'मुंबई मॉडल के बारे में कहा कि यह ''अधिक रैपिड एंटीजन (आरटी-पीसीआर जांच के बजाय) के बारे में है जबकि कुल मिलाकर जांच की संख्या घटा दी गई। गौरतलब है कि 'मुंबई मॉडल की प्रशंसा अदालत और केंद्र ने भी की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि महानगर में कोविड-19 से होने वाली मौतों को 40 प्रतिशत 'कम दिखाया गया और मौतों को अन्य श्रेणियों में दर्ज किया गया।

उन्होंने आगे कहा, 'हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि मौतों को छिपाया जाए। मुंबई में सालाना होने वाली मौतें औसतन 88,000 के आसपास है, लेकिन 2020 में इसमें 20,719 की वृद्धि हुई। इनमें से कोरोना के कारण बताई गयी मौतें 11,116 थीं। मात्र, 2020 में 9603 कोरोना मौतें छिपाई गईं। यही क्रम इस वर्ष भी जारी है। क्या इतने बड़े पैमाने पर मौतों को छिपाना ही महाराष्ट्र मॉडल है? 

आज भी शवों के अंतिम संस्‍कार के लिए वेटिंग पीरियड है। देश में हर रोज 4000 मौतें रिकॉर्ड हो रहीं, तो उसमें 850 केवल महाराष्ट्र से हैं। इसका मतलब 22 फीसदी मौतें केवल महाराष्ट्र में ही रिकॉर्ड हो रही हैं और सरकार मात्र अपनी वाहवाही करने में व्यस्त है। विदर्भ, मराठवाड़ा और उत्तरी महाराष्ट्र पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसा लगता है कि उनको उनकी किस्मत पर छोड़ दिया गया है।


Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget