चंद्रग्रहण, ब्लड मून और सुपरमून एक साथ


नई दिल्ली

साल का पहला चंद्र ग्रहण बुद्ध पूर्णिमा की दोपहर से प्रारंभ हो गया था। यह चंद्र ग्रहण पूर्वी एशिया, अमेरिका, अटलांटिक, और प्रशांत महासागर में देखा गया। यह पूर्ण चंद्र ग्रहण था। साल का पहला चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार, दोपहर 02 बजकर 17 मिनट पर शुरू हुआ और शाम 07 बजकर 19 मिनट पर समाप्त हो गया। इस चंद्र ग्रहण को भारत के पूर्वोत्तर राज्यों, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कुछ हिस्सों में देखा गया। इसके अलावा यह अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी कुछ वक्त के लिए दिखाई दिया। भारत में चंद्रोदय के बाद ग्रहण के आंशिक चरण की समाप्ति कुछ हिस्सों में देखा गया था। चंद्र ग्रहण का आंशिक चरण भारत में दोपहर करीब 03 बजकर 15 मिनट से शुरू हुआ जो शाम 06 बजकर 23 मिनट पर समाप्त हुआ। पूर्ण चंद्र ग्रहण की इस खगोलीय घटना को ब्लड मून भी कहा जाता है। क्योंकि इस दौरान चंद्रमा का रंग लाल-नारंगी रंग का नजर आता है। आपको बता दें कि 21 जनवरी 2019 के बाद यह पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण था। चंद्र ग्रहण पूर्णिमा के दिन होता है। जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है यानी सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं तो इस घटना को चंद्र ग्रहण कहते हैं। जब पूरा चंद्रमा पृथ्वी की छाया में होता है तब पूर्ण चंद्र ग्रहण होता है। जब चंद्रमा का केवल एक भाग पृथ्वी की छाया में आता है तो आंशिक चंद्र ग्रहण होता है।

भारत के इन शहरों में देखा गया आंशिक चंद्रग्रहण

अगरतला, कोलकाता, चेरापूंजी, कूचबिहार, इम्फाल, ईटानगर, गुवाहाटी, मालदा, कोहिमा, लुमडिंग, पुरी, सिलचर और दीघा में आंशिक चंद्र ग्रहण नजर आ सकता है।


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