डॉक्टरों के मैदान में उतरने से कोविड जंग को मिला बल

मुख्यमंत्री ने किया दो दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन


मुंबई

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कोरोना को लेकर महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल की दो दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा कि बारिश के मौसम में कुछ रोग व संक्रमण उभरते हैं, इनके कुछ लक्षण कोरोना से मिलते-जुलते हैं, ऐसे में डॉक्टर्स  अपने पास आने वाले मरीजों में कोविड के लक्षणों की समय पर पहचान करें, साथ ही होम आइसोलेशन में उपचार ले रहे मरीजों की कड़ी निगरानी की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले डॉक्टरों को कोविड की लड़ाई में हिस्सा लेने के लिए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री अमित देशमुख ने भी बात की। प्रस्तावना भाषण महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. शिवकुमार उत्तुरे ने दिया, जबकि सूत्र संचालन डॉ. अर्चना पाटे ने किया। इस ऑनलाइन कांफ्रेंस के लिए 21,500 डॉक्टरों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल निजी डॉक्टरों में भी कोविड संक्रमण का बड़ा डर था, उन्होंने अपने औषधालयों, अस्पतालों को बंद कर दिया था, क्योंकि हमारे पास मास्क, पीपीई किट के साथ-साथ अन्य आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की भारी कमी थी, लेकिन इस दूसरी लहर के दौरान बड़ी संख्या में डॉक्टर, सामान्य चिकित्सक, विभिन्न रोगविज्ञानी मैदान में उतर गए हैं।

डॉक्टरों पर भरोसा करते हैं मरीज

ठाकरे ने कहा कि सामान्य लोगों को जब कुछ तकलीफ होती है तो वह सबसे पहले अपने फैमिली डॉक्टर के पास जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए उनकी बड़ी जिम्मेदारी है। कोविड के लक्षण भ्रामक हैं। अधिकांश मरीजों में लक्षण नजर नहीं आते, ऐसे वक्त में मरीज की ठीक तरह से पहचान करना आपकी जिम्मेदारी है। विशेष रूप से प्राथमिक और मध्यम चरणों में जिन मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं है, ऐसे मरीज घर उचित इलाज करा रहे हैं या नहीं, आपको देखना चाहिए, उन्हें कब अस्पताल में जाने की आवश्यकता है, इस पर भी डॉक्टर्स को नजर रखनी चाहिए।


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