दिल्ली में राष्‍ट्रपति शासन लगाने की मांग तेज

delhi vidhan bhavan

नई दिल्ली

दिल्ली में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इसके चलते स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरीके से चरमरा गई है. ऐसे में अब मरीजों को ना तो अस्पतालों में बेड मिल रहे हैं और नहीं दवाई व ऑक्सीजन मिल पा रहा है.दिल्ली में इसकी वजह से मौतों का आंकड़ा भी लगातार तेजी से बढ़ रहा है. अब तक 15,772 से ज्यादा लोग कोरोना की वजह से अपनी जान गंवा चुके हैं. संक्रमित मरीजों की संख्या भी एक लाख के  करीब पहुंच गई है. आम जनता के साथ-साथ जनप्रतिनिधि भी अब स्वास्थ्य सेवाओं के ध्वस्त होने के चलते दिल्ली सरकार और व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करने लगे हैं. दिल्ली की सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक जहां अब दिल्ली विधानसभा को भंग करने की खुलकर मांग करने लगे हैं. वहीं, अब कांग्रेस  ने भी इस मामले को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रपति से तुरंत दिल्ली विधानसभा को भंग कर दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग तेज कर दी है. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि आम आदमी पार्टी  विधायक शोएब इकबाल ने दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाने को लेकर हाइकोर्ट से अपील की है.

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के विधायकों को भी कोरोना काल में अरविंद केजरीवाल द्वारा किए गए कुप्रबंधन पर निराशा हो रही है. कुछ विधायक खुल कर अपनी बात कह रहे जबकि अधिकांश विधायक व वरिष्ठ नेता खुल कर अपनी बात नहीं कर पा रहे. उन्होंने कहा कि शोएब इकबाल के बयान को राजनीति के चश्मे की जगह दिल्ली विधानसभा का सबसे वरिष्ठ सदस्य होने के नाते दिल्ली के आम नागरिकों के हित में रखे गए सुझाव के तौर पर देखा जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि बुधवार को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस ने दिल्लीवासियों के जीवन की रक्षा में संवैधानिक पद पर बैठे अरविंद केजरीवाल का अपने कर्तव्य का पालन नहीं कर सकने व जनता को झूठा आश्वासन दिये जाने को आधार बना विधानसभा भंग करने का मांग पत्र राष्ट्रपति को भेजे जाने की बात कही. चौधरी अनिल कुमार ने बयान जारी कर कहा कि दिल्ली में कोरोना से बुरे हालात है, ऑक्सिजन नहीं है, इंजेक्शन नहीं है, लोगों को बिस्तर नहीं मिल रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्राइवेट अस्पतालों में कांग्रेस पार्टी की सरकार द्वारा गरीबों के लिए आरक्षित 25% सीटों पर इलाज़ नहीं हो रहा है. उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े निजी अस्पताल में आज आरक्षित सीटों पर इलाज नहीं हो रहा, महामारी के समय निजी अस्पतालों ने लूट मचा रखी है. गरीबों के लिए आरक्षित इन सीटों को बड़े-बड़े पैसेवालों को बेचने का धंधा चल रहा है.

दिल्ली को बचाने का एकमात्र रास्ता राष्ट्रपति शासन

उधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता खविंदर सिंह कैप्टन ने भी कहा है कि दिल्ली सरकार कोरोना को काबू करने के लिए हर स्तर पर फेल हो चुकी है. ऐसे में दिल्ली और दिल्ली की जनता को बचाने के लिए एकमात्र रास्ता सिर्फ दिल्ली विधानसभा को भंग कर तुरंत राष्ट्रपति शासन लगाना ही है।


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