पुलिसिया कार्रवाई से मुंबई में कम हुए कोरोना के केस

मुंबई

वैसे तो मुंबई में कोरोना के मामले कम हुए हैं, लेकिन ऐसा क्यों हुआ है यह सबसे बड़ी बात है। इसका श्रेय तो मुंबई महानगर पालिका के लोगों को जाता ही है, लेकिन इसका एक दूसरा पहलू भी है अो है मुंबई पुलिस। पुलिस दिन रात सड़कों पर अपनी उपस्थिति दिखाते हुए लॉकडाउन के नियमों का पालन कराने में जुटी हुई थी।

सरकार द्वारा लागू किये गए लॉकडाउन के नियमों का पालन करने का आव्हान किया जाता है। इसके बावजूद लोग लापरवाही से सड़कों पर घूमते हुए दिख जाते हैं। कोरोना की दूसरी लहर शुरू होने के बाद से लेकर अबतक उत्तर मुंबई में सब से अधिक साढ़े तीन हजार मामले दर्ज किया गए हैं। अप्रैल से अभी तक 15 हजार 332 एफआईआई दर्ज किए गए हैं, जबकि पहली लहर में कुल 27 हजार के लगभग एफआईआर दर्ज किए गए थे। दूसरी लहर काफी खतरनाक होने के कारण पुलिस भी कड़ाई के साथ पेश आ रही थी। बिना किसी आवश्यक कामों के बाहर निकलने वालों पर एफआईआर दर्ज कर रही थी। यही वजह है कि उसे रोकने में प्रशासन कामयाब हुआ है। दर्ज किए गए अपराधों में सबसे अधिक मामले नियमों को तोड़ने के हैं। उत्तर मुंबई में सबसे अधिक 3 हजार 508 एफआईआर दर्ज किया गया है, जबकि दूसरे नंबर पर मध्य मुंबई 3 हजार 478 मामले दर्ज किए गए हैं। दक्षिण मुंबई में सबसे 2672 एफआईआर दर्ज किए गए हैं। बिना काम के मुंबई में घूमने वाले लोगों पर एफआईआर दर्ज किया गया है। बिना कारण के घुमने वालों पर जो शिकायत दर्ज की गई है, उसमें दक्षिण मुंबई अव्वल है, यहां पर एक हजार 491 मामले सामने आए हैं। 1266 मध्य मुंबई, 685 पूर्व मुंबई, 538 पश्चिम मुंबई और एक हजार 234 उत्तर मुंबई में एफआईआर दर्ज किए गए हैं। डीसीपी एस चैतन्य ने बताया कि पुलिस ने कोरोना न बढ़े इसके लिए कड़ाई से कार्रवाई करना शुरू कर दिया था। 


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