कोरोना काल में लोगों को जीवन जीने का हौसला दे रही हैं सरिता राठौड़


कोरोना काल में जहाँ लोग अवसाद और निराशा से जकड़े जा रहे हैं वही सरिता लोगो को जीवन जीने की कला सिखाते हुए जीने का हौसला पैदा कर रही हैं। किसी भी इंसान को जो जीने की उम्मीद खो रहे हैं उन्हें सकारात्मकता, प्रसन्नता और िवश्वास के साथ जंग जाीतने की कला सीखा रही हैं। मैं हूँ ना सरिता राठोड़ के इन चमत्कारी शब्दों ने लोगों को जीवन जीने का हौसला दिया और जीवन की सुंदरता को बताते हुए जिंदादिली से जीने के लिए प्रेरित किया। कुछ समय पहले एक पेज पर साक्षात्कार के माध्यम से यह कहा कि जिसकी कोई नहीं सुने वो मुझे सुनाएं यहीं बात लोगों के दिल को छू गयी और सरिता अनगिनत लोगों की निशुल्क कॉन्सलिंग कर चुकी हैं। कोरोना काल में जहाँ लोग अवसाद में आ रहे हैं वही सरिता राठोड़ लोगों को जीवन जीने का हौसला दे रही है। 


Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget