रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति पर मल्लिकार्जुन का बयान

SS mallikarjun rao

नई दिल्ली

आरबीआई ने उचित समय पर और अग्रिमसक्रिय कदम के तहत सभी भागीदारों जिसमें व्यक्ति, छोटे कारोबार और एमएसएमई भी शामिल हैं को अप्रत्याशित चुनौतियों से बचाने और विकास को गति दने के लिए जो कदम उठाया है उससे बुनियादी स्तर पर मदद मिलेगी। साथ ही कर्ज देने वाले संस्थान और राज्य सरकारों की मदद के लिए भी कदम उठाए गए हैं, जिससे पर्याप्त तरलता और कर्ज का प्रवाह बना रहे। पीएनबी के एमडी और सीईओ सीएच एस.एस. मल्लिकार्जुन राव का रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति पर कहा कि कोरोना से जुड़े स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र और उससे जुड़े क्षेत्रों के लिए 50 हजार करोड़ रुपये की एकमुश्त सहायता के साथ बैंक जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्र के लिए वर्गीकरण और अतिरिक्त तरलता के लिए जो उपाय किए गए हैं वह आपात चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच आसान बनाएंगे और जीवन एवं आजीविका बचाने में मददगार होंगे, जो वर्तमान समय में ज्यादा महत्वपूर्ण है। इसी तरह विशेष लंबी अवधि की नीतिगत पहल (रेपो ऑपरेशन) के जरिये एसएफबी (एसएलटीआरओ) के लिए 10,000 करोड़ रुपये की राहत कर्ज को जरूरतमंद तक पहुंचाने वाले एमएफआई के लिए बेहद मददगार साबित होगी, जो कोरोना की दूसरी लहर से बहुत अधिक प्रभावित हैं। जीएसएपी के तहत 35,000 करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों की दूसरे चरण की खरीद से भी अतिरिक्त तरलता उपलब्ध होगी।


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