लॉकडाउन से ठाणे मनपा की तिजोरी पर असर

ठाणे

कोरोना महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन ने ठाणे मनपा को आर्थिक संकट में लाकर खड़ा कर दिया है। इससे नगरसेवकों को मिलने वाले फंड में कटौती कर दी गई है। इसका सीधा असर वार्ड में विकास कार्यों पर पड़ा रहा है। इस दुष्चक्र से बाहर निकलने के लिए ठाणे जिला पालक मंत्री और शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे और आवास मंत्री जितेंद्र आव्हाड को ठाणे मनपा को इस संकट से बाहर निकालने के लिए राज्य सरकार से वित्तीय मदद दिलाएं। यह सुझाव शिवसेना के वरिष्ठ नगरसेवक उमेश पाटिल ने दिया है। शिवसेना नगरसेवक उमेश पाटिल ने कहा कि वार्ड में विकास कार्यों के लिए ठाणे मनपा के नरसेवकों, नगरसेवक फंड, वार्ड सुधार एवं पिछड़ा वर्ग फंड का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन वित्तीय वर्ष 20-21 में नगरसेवकों को नगरसेवक निधि का एक रुपया भी नहीं मिला। इसलिए नगरसेवकों के कहने पर काम करने वाले ठेकेदारों को उनके काम का भुगतान नहीं किया गया है। नतीजतन, ये ठेकेदार भुगतान के लिए नगरसेवकों के घरों और कार्यालयों का चक्कर मारते दिखाई दे रहे हैं। ठेकेदारों ने करीब 60 से 70 फीसदी काम पूरा कर लिया है, लेकिन अब वे बाकी काम करने को इच्छुक नहीं हैं, क्योंकि नगरसेवकों के फंड में कटौती के चलते उनके द्वारा किए गए कामों की राशि का भुगतान नहीं मिल रहा है।

इस कारण वार्ड के सभी विकास कार्य धन के अभाव में ठप पड़े हैं। उन्होंने कहा कि मनपा आयुक्त डॉ. विपिन शर्मा कह रहे है कि कोरोना महामारी में लगे लॉकडाउन के चलते मनपा जरूरी राजस्व नहीं जुटा पा रही है। हर महीने पहली से पांच तारीख तक मिलने वाले कर्मचारियों का वेतन भी बकाया है। आलम यह है कि कर्मचारियों के वेतन का भूगतान अब 10 तारीख के बाद किया जा रहा है। ठाणे मनपा में इस वित्तीय आपातकाल को समाप्त करने के लिए ठाणे के दो मंत्री, ठाणे जिला पालक मंत्री व शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे और आवास मंत्री जितेंद्र आव्हाड पहल करें। साथ ही मनपा के लिए महाराष्ट्र सरकार से वित्तीय पैकेज की मांग कर मदद करें। उन्होंने दोनों मंत्रियों से आग्रह किया कि मनपा को इस वित्तीय आपातकाल से बाहर निकले का प्रयास करें।


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