विदेशी वैक्‍सीन मामले में संबित पात्रा ने रखा सरकार का पक्ष

sambit patra

नई दिल्ली

कोरोना की दूसरी लहर में भारत में नए केसों की संख्‍या में तेजी से इजाफा हुआ है। कोरोना महामारी के इस दौर में विपक्ष आरोप लगा रहा है कि ऐसे समय जब देश, वैक्‍सीन की कमी से जूझ रहा है, सरकार विदेशों में वैक्‍सीन भेज रही है। इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को सफाई दी। भाजपा प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने कहा कि भारत की ओर से पड़ोसी देशी को मदद के लिए वैक्सीन भेजी गई, क्योंकि पड़ोसी को सुरक्षित करना भी हमारी जिम्मेवारी है। संबित ने आरोप लगाया कि वैक्सीन को लेकर कांग्रेस पार्टी लगातार भ्रम उत्पन्न करने की कोशिश कर रही है। भाजपा प्रवक्‍ता ने बताया कि कल तक करीब 6.63 करोड़ वैक्सीन भारत के बाहर भेजे गए थे। उन्‍होंने कहा कि यह सवाल उठे कि देश से बाहर वैक्सीन क्यों भेजी गई। दरअसल, ये वैक्सीन दो कैटेगरी में भेजी गई है। पहली,  मदद के रूप में मात्र एक करोड़ वैक्सीन भेजी गई हैं। 

बाकी पांच करोड़ से अधिक वैक्सीन liability (दायित्‍व) के रूप में भेजी गई है। उन्‍होंने कहा कि पड़ोस के सात देशों को हमने 78.5 लाख वैक्सीन की डोज मदद के रूप में दी है। बाकी दो लाख डोज UN की पीस कीपिंग फोर्स को दिए हैं, क्योंकि 6,000 से ज्यादा हमारे देश के जवान अलग-अलग देशों में पीस कीपिंग के लिए काम कर रहे हैं।

गौरतलब है कि कोरोना महामारी के दूसरे दौर में भारत का स्‍वास्‍थ्‍य ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बेड और ऑक्‍सीजन की कमी से अस्‍पताल जूझ रहे हैं। कोरोना टीकाकरण केंद्रों पर भी लोगों की लंबी लाइनें लग रही हैं। कई राज्‍यों के पास वैक्‍सीन का स्‍टाक या तो खत्‍म हो गया है या खत्‍म होने को है, इस कारण 18 से 44 वर्ष की उम्र के लोगों के टीकाकरण कार्यक्रम को वह गति नहीं मिल पा रही है जैसी उम्‍मीद थी। कोरोना टीकाकरण के तीसरे चरण के तहत 1 मई से सरकार ने 18 से 44 वर्ष की उम्र के लोगों के लिए टीकाकरण का ऐलान किया है।


Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget