राकांपा-शिवसेना ने राज्यपाल पर साधा निशाना


 मुंबई

विधानपरिषद में राज्यपाल कोटे की रिक्त 12 सीटों का मामला अदालत तक जा पहुंचा है। इधर कैबिनेट की सिफारिश के अनुसार नियुक्ति न करने को लेकर महाविकास आघाड़ी सरकार के घटक दल राकांपा और शिवसेना ने राज्यपाल पर निशाना साधा है। राकांपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तथा राज्य के अल्पसंख्यक विकास मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि कानून में राज्यपाल कोटे की सीटों पर नियुक्ति के लिए समय सीमा तय नहीं है, ऐसे में  राज्यपाल ने इसी का फायदा उठाकर फैसले को अब तक लंबित रखा है। मलिक ने कहा कि मंत्रिमंडल की सिफारिश के सात महीने बीतने के बावजूद राज्यपाल ने कोई फैसला नहीं लिया है। मलिक ने कहा कि एक जनहित याचिका पर सुनवाई में बाम्बे हाईकोर्ट ने राज्यपाल से पूछा है कि अब तक 12 सीटों पर नियुक्ति क्यों नहीं हो पाई है? मलिक ने कहा कि हमें लग रहा है कि राज्यपाल अब फैसला लेकर हाईकोर्ट को अवगत कराएंगे। इधर शिवसेना सांसद संजय राउत ने कटाक्ष करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ और महाराष्ट्र के राज्यपाल कोश्यारी बहुत काम कर रहे हैं। बाम्बे कोर्ट ने राज्यपाल से फैसला न लेने को लेकर पूछा है। हम भी एक साल से यही सवाल पूछ रहे हैं कि आप कितने समय तक फाइल पर बैठे रहेंगे। राऊत ने कहा कि विधान परिषद में 12 सदस्यों की नियुक्ति के बारे में फैसला न लेकर संविधान का उल्लंघन किया गया है। पिछले साल 29 अक्टूबर को राज्य मंत्रिमंडल ने विधान परिषद के राज्यपाल कोटे की रिक्त 12 सीटों पर उम्मीदवारों के मनोनयन को मंजूरी दी थी। इसके बाद बीते 6 नवंबर को राज्य मंत्रिमंडल के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को विधान परिषद में नामित करने के लिए उम्मीदवारों की सूची सौंपी थी।

लोक सूचना अधिकारी के कार्यालय में सूची उपलब्ध नहीं

सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई एक जानकारी में राज्यपाल सचिवालय ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि उसके पास राज्य मंत्रिमंडल की तरफ से अनुमोदित विधान परिषद सदस्यों की सूची नहीं है। आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने 22 अप्रैल 2021 को राज्यपाल सचिवालय से विधान परिषद में सदस्यों की नियुक्ति के संबंध में मुख्यमंत्री या मुख्यमंत्री सचिवालय की तरफ से राज्यपाल को सौंपी गई सूची की जानकारी मांगी थी। 19 मई 2021 को अनिल गलगली के आवेदन का जवाब देते हुए राज्यपाल सचिवालय के अवर सचिव जयराज चौधरी ने बताया कि लोक सूचना अधिकारी (प्रशासन) के कार्यालय में राज्यपाल द्वारा नियुक्त विधान परिषद सदस्यों की सूची उपलब्ध नहीं है। गलगली ने भ्रामक जानकारी के खिलाफ पहली अपील दायर की है।


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