कोरोना की डुप्लीकेट स्वैब स्टिक बनाने के मामले में पुलिस की छापेमारी


उल्हासनगर

बनावटी सामग्री बनाये जाने के लिए मशहूर उल्हासनगर पर एक और बदनुमा दाग लग गया है, जहां कोरोना जांच के लिए इस्तेमाल की जाने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनी के नाम से बनावटी स्वाब स्टिक बनाये जाने का भंडाफोड़ उल्हासनगर पुलिस ने किया है। पुलिस तथा मनपा प्रशासन की टीम ने उल्हासनगर के घर- घर में अवैध तरीके से बनाई जा रही स्वाब टेस्टिंग स्टिक और उसकी पैकिंग के मामले में जांच के बाद मामला दर्ज किया गया है, जबकि डुप्लीकेट स्वाब टेस्टिंग स्टिक बनवाने वाला मनीष केशवानी अभी भी फरार है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उल्हासनगर कैम्प 1 स्थित ज्ञानेश्वर नगर में दो दिन से इस तरह की टेस्टिंग स्टिक बनाने का काम चल रहा है  एैसा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल  होने  के बाद अन्न औषध प्रशासन और पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कोरोना से पीड़ित मरीज़ पॉज़िटिव है या निगेटिव है जांच कर्ताओं के नाक में और गले में स्वाब स्टिक डालकर स्वाब लिया जाता है,और वही स्वाब स्टिक उल्हासनगर जैसे शहर के संत ज्ञानेस्वर इलाके में डुप्लीकेट बनाने और पैकिंग किया जा रहा था जो कि एक गम्भीर विषय है।


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