रेमडेसिविर के नाम पर लोगों को ठगने वालों पर मामला दर्ज

मुंबई

कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए अहम दवा समझी जाने वाली रेमडेसिविर को लेकर धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इस बीच महाराष्ट्र पुलिस की सायबर अपराध शाखा ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सोशल मीडिया से प्राप्त मोबाइल क्रमांक की जानकारी मोबाइल ऑपरेटरों से मांगा ली है। इसके अलावा जिस अकाउंट में धोखाधड़ी करनेवाले आरोपी पैसे मंगवाते थे उनपर भी पुलिस ने नजर रखना शुरू कर दिया है।

दरअसल कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर आने के बाद से ही रेमदेसीवीर और टोसिलिजुमब की मांग लगातार बढ़ती जा रही थी। इसके बाद काला बाजारी भी शुरू हो गई। इसका उत्पादन करानेवाली कंपनी को मामले में शिकायत प्राप्त होने लगा। जिसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत महाराष्ट्र पुलिस में सायबर अपराध शाखा से की। जिसकी जांच कर मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120(ब), 469, 420, 336, 476, 482 के अलावा आईटी एक्ट 66(क), 66(ड) के साथ ट्रेड मार्क और ड्रैग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच सायबर अपराध शाखा महाराष्ट्र पुलिस कर रही है। पुलिस ने शुरुवाती जांच में उन सभी नंबरों को सोशल मीडिया से ढूंढ निकाला है जो इंजेक्शन देने का वादा करते थे। इसके अलावा जिन लोगों के साथ ठगी हुई है उन लोगों को भी पुलिस ने ढूंढ लिया है और आगे की पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ने मोबाइल नंबर प्राप्त कर मोबाइल ऑपरेटरों से उस नंबर की डिटेल मंगाई है। इसके अलावा जिन लोगों से पैसे लेकर इंजेक्शन नहीं भेजे गए या फिर उसकी सीसी में पानी भरकर भेजा गया। ऐसे लोगों से जिस अकाउंट में पैसा भेजा गया है उसकी जानकारी हांसिल करने के लिए बैंकों को भी पत्रा भेजा है। हालांकि मामले की जांच महाराष्ट्र पुलिस सायबर अपराध शाखा द्वारा की जा रही है।


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