क्रीमी कांप्लेक्शन पाने का राज


बोडी को डीटोक्स करने से करें शुरुवात 

चाहे डीटोक्स डाइट की बात हो या फिर डीटोक्स ड्रिंक की, ये सीधे तौर पर शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालकर उसमें नई जान डालने का काम करता है. और जब एक बार अंदर का सिस्टम ठीक हो जाता है तो हमारी स्किन भी  नैचुरली ग्लो करने लगती है. आप भी तो दागधब्बों रहित, क्लियर व एक जैसा स्किन टोन चाहती होंगी. ऐसे में आप अपने दिन की शुरुवात नींबू पानी से करें. आप ब्रेकफास्ट के  साथ  नारियल पानी, जूस भी ले सकती हैं. क्योंकि ये शरीर को डीटोक्स करके आपकी सुंदरता को हमेशा बनाए रखने का काम करता है. 

फोलो सीटीएम रूटीन 

शरीर को आप अंदर से तो अपनी डीटोक्स डाइट व ड्रिंक से क्लीन कर रहे हैं , लेकिन ये भी जरूरी है कि धूलमिट्टी व पॉलूशन के कारण स्किन की ऊपरी सतह पर गंदगी व जर्म्स एकत्रित होने शुरू हो जाते हैं, जिन्हें  सीटीएम रूटीन  यानि क्लींजिंग, टोनिंग व मॉइस्चराइजिंग से प्रोपर केयर करने की जरूरत होती है. ताकि स्किन पर कोई जर्म्स व गंदगी न रहने पाए. ऐसे में जब भी आप टोनर का चयन करें तो देखें कि उसमें रोज वाटर, एलोवीरा और एसेंशियल आयल जरूर हो, क्योंकि ये स्किन को कूलिंग इफेक्ट देने के साथसाथ स्किन से गंदगी को रिमूव करने के साथसाथ कॉम्प्लेक्शन को इम्प्रूव करने का काम करते हैं.

जरूरी है डी टेन पैक  

ज्यादा देर बाहर रहने के कारण हमारी स्किन टेन होने लगती है. जिससे धीरेधीरे स्किन का टोन बदलने के कारण हमारी स्किन ख़राब होने लगती है. और यही अनइवन टोन जब अन्य लोग भी नोटिस करने लगते हैं तो हमें सर्मिंदड़ी महसूस होती  है. न कुछ पहनने को मन करता और न ही खुद को सवारने को. ऐसी स्तिथि में आप परेशान न हो, बल्कि आपको जरूरत है हर 15 दिन में अपने चेहरे पर डी टेन पैक अप्लाई करने की. ये आपकी स्किन को हाइड्रेट, नौरिश, ब्राइट व क्लीन बनाने का काम करता है. बस जब भी आप डी टेन पैक खरीदे तो देखें कि वो डर्मटोलोजिस्ट टेस्टेड होने के साथ क्रुएल्टी  व पेराबीन फ्री हो. साथ ही उसमें युकलिप्टुस आयल, मिंट जैसे इंग्रीडिएंट्स शामिल  हो. क्योंकि इसमें एंटीबैक्टीरियल प्रोपर्टीज होने के कारण ये स्किन को इंफेक्शन से बचाने के साथसाथ उन्हें कूलिंग इफेक्ट देने का काम करते हैं. तो फिर डी टेन पैक से अपनी स्किन को बनाएं ब्राइट.

केमिकल पील टेक्निक 

पॉलूशन वाली लाइफ में हमें स्किन की एक्स्ट्रा केयर की जरूरत होती है. ताकि स्किन फिर से पुर्नजीवित होकर खिल उठे. ऐसे में  केमिकल पील टेक्निक बेहद असरदार साबित होती है. इस टेक्निक में स्किन के टेक्सचर को इम्प्रूव करने के साथ उसे स्मूद बनाया जाता है. इसमें आउटर लेयर पर वर्क करके उसे रिमूव किया जाता  है, ताकि न्यू स्किन ज्यादा हैल्दी व स्मूद बने. कई तरह के पील्स हैं. बता दें कि लैक्टिक पील, जो मिल्क से बना होने के कारण ये ड्राई और सेंसिटिव स्किन के लिए बेस्ट माना जाता है. 




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