‘हमें प्रशासनिक ज्ञान न दे सरकार’

आरक्षण के लाभार्थियों को तत्काल मिले नियुक्ति पत्र


मुंबई

राज्य में मराठा आरक्षण को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जारी शह-मात के खेल में घमासान बढ़ता जा रहा है। एक तरफ जहां राज्य सरकार समाज को आश्वासन दे रही है, तो वहीं भाजपा आरक्षण मुद्दे पर राज्य सरकार पर हमला बोलने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। इसी के तहत शुक्रवार को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि हमें प्रशासनिक ज्ञान सरकार बिलकुल ने दे, क्योंकि हमने भी पांच साल सरकार चलाया है। पिछली देवेंद्र फड़नवीस के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा लागू मराठा आरक्षण कानून के तहत विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी पाने वालों युवाओ को अभी तक नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया है।

आरक्षण के संदर्भ में विशेष दो दिवसीय सत्र बुलाए सरकार

पाटिल ने कहा कि मराठा आरक्षण पर अगर सरकार चर्चा करना चाहती है तो विधिमंडल की दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाएं। लेकिन सरकार में यह हिम्मत नहीं है। यदि हिम्मत है तो संभाजी राजे छत्रपति की उपस्थिति में सत्र बुलाने की घोषणा करें।

कोल्हापुर से हुई आंदोलन की शुरुआत

शुक्रवार को कोल्हापुर में मराठा समाज के सर्वपक्षीय नेताओं ने मिलकर आंदोलन किया। इसमें आरक्षण के मुद्दे पर फैसला लेने के लिए दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की मांग की गई। सरकार का विरोध करते हुए प्रदर्शनकारियों ने काला फीता बांधकर आंदोलन किया। शहर के ऐतिहासिक छत्रपति शिवाजी चौक पर सामूहिक धरना दिया गया। इसमें राजर्षि शाहू महाराज के वंशज समरजीत राजे घाटगे, शिवसेना सांसद संजय मांडलिक, शिवसेना जिलाध्यक्ष विजय देवने, कांग्रेस विधायक ऋतुराज पाटिल, विधायक चंद्रकांत जाधव, कांग्रेस नगर अध्यक्ष प्रह्लाद चव्हाण, पूर्व सांसद धनंजय महाडिक, पश्चिम महाराष्ट्र देवस्थान समिति के पूर्व अध्यक्ष महेश जाधव, राकांपा जिलाध्यक्ष ए.वाई पाटिल, नगर अध्यक्ष आर. के पवार, बाबा पार्टे आदि लोगों ने इसमें भाग लिया।


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