कांग्रेस में तय होगी हार की जवाबदेही

सच का सामना करना होगा: सोनिया

sonia gandhi

नई दिल्ली

कांग्रेस ने चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के कारणों का पता लगाने के लिए अगले 48 घंटे के भीतर एक समूह गठित करने का फैसला किया है। दूसरी तरफ, पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इन चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन पर चिंता प्रकट करते हुए सोमवार को कहा कि इन परिणामों से स्पष्ट है कि कांग्रेस में चीजों को दुरुस्त करना होगा। उन्होंने कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्लूसी) की डिजिटल बैठक में यह प्रस्ताव किया कि चुनावी हार के कारणों का पता लगाने के लिए एक समूह का गठन किया जाएगा। कांग्रेस के संगठन महासचिव ने बाद में बताया कि अगले 48 घंटे के भीतर इस समूह का गठन कर दिया जाएगा और यह जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट देगा।

एक सवाल के जवाब में वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि इस समूह की रिपोर्ट के आधार पर आगे कदम उठाया जाएगा और जवाबदेही तय की जाएगी। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बताया कि सीडब्ल्यूसी की बैठक में असम, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के प्रभारियों ने चुनाव में कमियों और दूसरे बिंदुओं पर अपनी बात रखी। इससे पहले, सोनिया ने बैठक में कहा कि हमें इन गंभीर झटकों का संज्ञान लेने की जरूरत है। यह कहना कम होगा कि हम बहुत निराश हैं। 

मेरा इरादा है कि इन झटकों के कारण रहे हर पहलू पर गौर करने के लिए एक छोटे का समूह का गठन करूं और उससे बहुत जल्द रिपोर्ट ली जाए।

उन्होंने कहा कि हमें इसे समझना होगा कि हम केरल और असम में मौजूदा सरकारों को हटाने में विफल क्यों नहीं रहे तथा बंगाल में हमारा खाता तक क्यों नहीं खुला? इन सवालों के कुछ असहज करने वाले सबक जरूर होंगे, लेकिन अगर हम वास्तविकता का सामना नहीं करते, अगर हम तथ्यों को सही ढंग से नहीं देखते, तो हम सही सबक नहीं लेंगे। असम और केरल में सत्ता वापसी का प्रयास कर रही कांग्रेस को हार झेलनी पड़ी। वहीं, पश्चिम बंगाल में उसका खाता भी नहीं खुल सका। पुडुचेरी में उसे करारी हार का सामना करना पड़ा जहां कुछ महीने पहले तक वह सत्ता में थी। तमिलनाडु में उसके लिए राहत की बात रही कि द्रमुक की अगुआई वाले उसके गठबंधन को जीत मिली।

फिर टला कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव

कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव एक बार फिर टल गया है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्लूसी) ने कोरोना की दूसरी लहर की वजह से देश के हालात को देखते हुए यह फैसला लिया है। सूत्रों के मुताबिक पहले से तय डेडलाइन के मुताबिक बैठक में 23 जून को चुनाव कराने के लिए प्रस्ताव रखा गया, लेकिन राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना की भयावह स्थिति का हवाला देकर कहा कि ऐसे हालात में फिलहाल चुनाव कराना ठीक नहीं होगा।


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