कुंटे-पाटिल विवाद में तथ्य नहीं: अजित पवार


मुंबई

राज्य के मुख्य सचिव सीताराम कुंटे और जलसंपदा मंत्री जयंत पाटिल के बीच हुए विवाद पर उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि जयंत पाटिल शांत स्वभाव के हैं, इसके उलट मैं गरम स्वभाव का हूं। ऐसे में पाटिल और कुंटे के बीच विवाद की खबरों में कोई तथ्य नहीं है। यह बात कहते हुए अजित पवार ने इस विवाद पर पर्दा डालने की कोशिश की। वे पुणे में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। अजित पवार ने कहा कि जयंत पाटिल वरिष्ठ नेता हैं। उन्होंने कई साल वित्त, गृह और ग्राम विकास मंत्रालय संभाला। अब वे जलसंपदा विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके काम करने का तरीका देखे तो वे बेहद शांत स्वभाव वाले और अधिकारियों से काम लेने वाले व्यक्ति हैं, इसके उलट मैं गरम स्वभाव का और कठोर बोलने वाला हूं, हालांकि यह बात मेरे खिलाफ जाती है। यह बात कब और कैसे सामने इसकी जानकारी नहीं है। इसे ज्यादा महत्व नहीं दिया जाए। आप इस पर ध्यान देते हैं, इस वजह से लोगों का ध्यान उस तरफ जाता है। मेरा सभी से अनुरोध है कि इसमें कोई तथ्य नहीं है। यह प्रशासन का एक भाग है। प्रशासन में मुख्यमंत्री और मंत्री सहित मुख्य सचिव और अधिकारी होते हैं। हम पहली बार मंत्री नहीं बने हैं। कई साल से हम प्रशासन चला रहे हैं।

महाविकास आघाड़ी सरकार में फूट नहीं: राऊत

इधर शिवसेना सांसद संजय राऊत ने महाविकास आघाड़ी सरकार में फूट की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सरकार स्थिर और मजबूत है। उन्होंने कहा कि किस मंत्री ने क्या कहा? इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। जलसंपदा मंत्री जयंत पाटिल राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष है, वे राज्य के वरिष्ठ नेता और महाविकास आघाड़ी सरकार के महत्वपूर्ण मंत्री हैं। राऊत ने कहा कि जयंत पाटिल ने प्रेस कांफ्रेंस में इस बारे में खुलासा किया है। उनका कहना था कि कैबिनेट में क्या हुआ, यह बात बाहर नहीं बताई जा सकती। राऊत ने कहा कि बाहर कोई भी कितनी अफवाह फैलाए, तब भी महाविकास आघाड़ी सरकार स्थिर और मजबूत है। कैबिनेट में बर्तनों में टकराहट हुई भी हुई तो भी हमारे बर्तन कांच के नहीं बने हैं, ऐसे में वे टूटेंगे नहीं। उन्होंने इस दावे को खारिज कर दिया कि महाविकास आघाड़ी में फूट है।

किसी से नाराजगी का सवाल नहीं: पाटिल  

इसके पहले राकांपा प्रदेश अध्यक्ष और जलसंपदा मंत्री जयंत पाटिल ने मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि कामकाज करते वक्त किसी के राजी होने या नाराजगी को नहीं देखा जाता। ऐसे में किसी से नाराजगी का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने इस मामले पर यह कहते हुए टिप्पणी करने से इंकार कर दिया कि कैबिनेट में हुई चर्चा सरकार का आंतरिक मामला है।


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