दो ब्रिटिश कालीन पुलों की होगी मरम्मत

एमआरआईडीसी ने शुरू किया काम

मुंबई

कई सालों से लंबित पड़े ब्रिटिश कालीन पुलों के मरम्मत का मुद्दा अब सुलझ गया है। महाराष्ट्र रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमआरआईडीसी) ने दादर तिलक ब्रिज और रे रोड ब्रिज के पुनर्निर्माण का काम शुरू कर दिया है। मध्य रेलवे, पश्चिम रेलवे और आईआईटी द्वारा आयोजित संरचनात्मक सर्वेक्षण रिपोर्ट ने शहर में कई पुलों के पुनर्निर्माण की सिफारिश की थी। जिसमें दादर तिलक ब्रिज, जिसे शहर का मुख्य पुल माना जाता है वह 1925 में बनाया गया था। इस ब्रिज को 96 साल पूरे हो गए हैं। रे रोड ब्रिज ने 100 साल का आंकड़ा पार कर लिया है, इसे 1920 में बनाया गया था। कुल 12 ब्रिटिश कालीन पुल अभी भी मुंबई में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। इनमें भायखला, आर्थर रोड, मझगांव (ओलिवेंट), मुंबई सेंट्रल (बेलासिस), गार्डन एस पूल, करी रोड, महालक्ष्मी आदि शामिल हैं। इनमें से सबसे पुराना 134 साल पुराना पुल है, जो ओलिवेंट ब्रिज के नाम से जाना जाता है। वर्तमान में दो पुलों के निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है जबकि शेष 10 पुलों के लिए परमिशन अभी लंबित है। दादर तिलक और रे रोड पुलों के निर्माण के लिए मुंबई मनपा से अनुमति मिल गई है। इन्हे तोड़कर नए बनाए जाएंगे। 


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