कोरोना के बीच देश पर ब्लैक-व्हाइट फंगस का कहर

हजारों बीमार, सरकार तैयार !

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नई दिल्ली

कोरोना वायरस की दूसरी लहर कमजोर पड़ने के साथ ही एक अन्य घातक बीमारी कोविड मरीजों के बीच फैल रही है। देश में अब तक ब्लैक फंगस के सात हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। अब तक 200 से ज्यादा लोग इस बीमारी की वजह से जान गंवा चुके हैं। केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा है कि ब्लैक फंगस को Epidemic Diseases Act के तहत नोटिफाई करें। तमिलनाडु, ओडिशा, असम, पंजाब ने म्यूकरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस को महामारी रोग अधिनियम के तहत अधिसूचित किया है। राजस्थान   के बाद यूपी भी ब्लैक फंगस को महामारी के तहत अधिसूचित कर चुके हैं।

अब तक इस बीमारी के कुल 7250 मामले सामने आए हैं। इस बीमारी के सबसे ज्यादा केस और मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं। इसके बाद गुजरात और मध्य प्रदेश का नंबर है। गुजरात में 1163 मामले आए हैं और 63 मौतें हुई हैं। मध्य प्रदेश में 575 मामले आए हैं। 31 मौतें हुई हैं। अन्य राज्यों में भी इसके केस आ रहे हैं।

ब्लैक फंगस के संबंध में एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि म्‍यूकरमाइकोसिस के जीवाणु मिट्टी, हवा और यहां तक कि भोजन भी पाए जाते हैं। लेकिन वे कम प्रभावी होते हैं और अमूमन संक्रमण नहीं फैलाते हैं। कोरोना महामारी के पहले इस संक्रमण के मामले काफी कम होते थे। अब कोरोना की वजह से इसके मामले बड़ी संख्‍या में सामने आ रहे हैं। डॉ. गुलेरिया ने स्‍टेरॉयड का बेपरवाही से इस्‍तेमाल करने को इस संक्रमण के पीछे का बड़ा कारण बताया था। साथ ही उन्‍होंने अस्‍पतालों से संक्रमण को नियंत्रित करने वाले उपायों के प्रोटोकॉल को अपनाने का आग्रह किया। क्‍योंकि कोरोना मरीजों में यह संक्रमण अधिक बढ़ता दिख रहा है और इससे मौतें भी अधिक हो सकती हैं।

उन्होंने कहा था, ‘स्‍टेरॉयड का गलत इस्‍तेमाल ही इस संक्रमण के पीछे की बड़ी वजह है। ब्‍लैक फंगस संक्रमण उन लोगों को अधिक होने की संभावना रहती है, जो डायबिटीज से पीड़ित हैं, कोरोना पॉजिटिव हैं और स्‍टेरॉयड ले रहे हैं। इसकी रोकथाम के लिए हमें स्‍टेरॉयड के गलत इस्‍तेमाल को रोकना चाहिए।’

दवा का उत्पादन बढ़ाने पर जोरः डॉ. हर्षवर्धन

देशभर में कोरोना महामारी के साथ ही ब्लैक फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसे देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने चिंता जताई है। बता दें, म्यूकरमाइकोसिस को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि इस फंगल इंफेक्शन की दवा का उत्पादन बढ़ाया जा रहा है। बता दें कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ एक बैठक भी की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में डॉ. हर्षवर्धन ने मौजूदा कोविड स्थिति और टीकाकरण अभियान की प्रगति की समीक्षा की।


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