बच्चों के लिए एक और कोविड वैक्सीन!

मॉडर्ना ने अमेरिका के एफडीए से मांगी मंजूरी


नई दिल्‍ली

दवा कंपनी मॉडर्ना ने अमेरिका के खाद्य और दवा प्रशासन (एफडीए) से मांग की है कि उसकी बनाई कोविड वैक्सीन को 12 से 17 साल के बच्चों को लगाए जाने के लिए आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दी जाए। इससे पहले दिसंबर 2020 में एफडीए (FDA) ने इस वैक्सीन को 18 साल और इससे अधिक उम्र के लोगों को लगाए जाने की मंजूरी दी थी। हालांकि हालिया तीसरे चरण के क्लिनिकल डाटा में पता चला है कि इस वैक्सीन को लेने वाला कोई भी बच्चा वायरस से संक्रमित नहीं हुआ है।

मॉडर्ना का कहना है कि इससे वैक्सीन के 100 फीसदी की प्रभाविकता के अनुरूप होने का पता चलता है। इससे करीब चार हफ्ते पहले फाइजर बायोएनटेक की वैक्सीन को एफडीए से मंजूरी मिल गई थी। ये वैक्सीन 12 से 15 साल के बच्चों को लगाई जाएगी। एक बयान जारी कर मॉडर्ना के सीईओ स्टीफन बैंसल ने कहा कि हमें ये बताते हुए खुशी हो रही है कि हमने अमेरिका के एफडीए से किशोरों के लिए कोविड वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मांगी है।

कोविड-19 से बचाने में कारगर

उन्होंने कहा कि किशोरों में कोविड-19 और SARS-CoV-2 संक्रमण को रोकने के लिए मॉडर्ना एक अत्यधिक प्रभावी कोविड वैक्सीन है। कंपनी का कहना है कि उसने इससे पहले कनाडा और यूरोपीय संघ से भी बच्चों को वैक्सीन लगाने की मंजूरी मांगी है। ताकि बच्चों को भी वैक्सीन लगाई जा सके। कंपनी ने कहा कि वह कोविड-19 महमारी को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। मॉडर्ना ने अपने शोध में अमेरिका के 12 से 17 साल की उम्र के 3732 किशोरों को शामिल किया था।

100 फीसदी प्रभावी है वैक्सीन

इनमें से आधे ग्रुप को चार हफ्ते के अंतराल पर वैक्सीन की दोनों डोज दी गईं, जबकि आधे ग्रुप को प्लेसिबो दिया गया। जिसमें पाया गया कि वैक्सीन दो डोज के बाद 100 फीसदी तक प्रभावी है और एक डोज के बाद 93 फीसदी प्रभावी पाई गई है। साइड इफेक्ट ना के बराबर या बिलकुल कम देखे गए। जहां इंजेक्शन लगाया गया वहां कुछ लोगों को दर्द हुआ है। ऐसा बीते साल के ट्रायल के दौरान वयस्‍कों के साथ भी हुआ था। जबकि अन्य साइड इफेक्ट में मांसपेशियों में दर्द, सिर दर्द और थकान शामिल है। 

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