मुंबईकरों को मिलेगा समुद्र का मीठा पानी

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में सामंजस्य करार पर हस्ताक्षर

water

मुंबई

मालाड के मनोरी में समुद्र के खारे पानी को मीठा बनाने की परियोजना स्थापित की जा रही है। वर्ष 2025 में इस परियोजना के पूरा होने की अपेक्षा है। इससे मुंबई वासियों को हर रोज 200 मिलियन लीटर अतिरिक्त पानी मिल सकेगा। परियोजना शुरु करने को लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में मुंबई मनपा एवं व आई.डी. ई वॉटर टेक्नोलॉजी लि. कंपनी के बीच सामंजस्य करार पर हस्ताक्षर किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि समुद्र के खारे पानी को पीने लायक बनाने के प्रयोग कई देशों में सफलतापूर्वक चल रहे हैं, जबकि कुछ देशों में ऐसी परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। मुंबई जैसे महानगर में परियोजना निश्चित रूप से फायदेमंद होगी। ठाकरे ने कहा कि मुंबई में 24 घंटे जलापूर्ति की योजना है। इसके लिए डैम बनाने पड़ेंगे। हजारों पेड़ों को काटना पड़ेगा। सह्याद्री अतिथि गृह में मुंबई मनपा एवं व आई.डी. ई वॉटर टेक्नोलॉजी लि. के बीच हुए सामंजस्य करार के समय मुख्यमंत्री के अलावा नगरविकास मंत्री एकनाथ शिंदे, पर्यावरण व वातावरणीय बदल मंत्री आदित्य ठाकरे, वस्त्रोद्योग मंत्री असलम शेख, महापौर किशोरी पेडणेकर, इजराइल महावाणिज्यदूत याकोव फिनकेलस्टाइन, आई.डी. ई वॉटर टेक्नोलॉजी कंपनी के पदाधिकारी , मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव आशीष कुमार सिंह, मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल, एमएमआरडीए आयुक्त एस श्रीनिवास अन्य अधिकारी मौजूद थे।   बताया गया कि 200 एमएलडी क्षमता वाले खारे पानी को मीठा बनाने की परियोजना का विस्तार कर भविष्य में प्रतिदिन 400 मिलियन लीटर पानी को पीने योग्य बनाया जा सकता है। परियोजना का डीपीआर वर्ष 2022  के मई माह तक तैयार हो जाएगा। वर्ष 2025 में मुंबई वासियों को हर रोज 200 मिलियन लीटर अतिरिक्त पानी मिलने लगेगा। इसकी वजह से हर साल गरमी के मौसम में होने वाली पानी कटौती से निजात मिल सकेगी। महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडल की तरफ से मालाड के मनोरी में उपलब्ध करायी गयी जमींन पर अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग कर परियोजना स्थापित की जाएगी।


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