दीपिका का कीर्तिमान

भारत की दिग्गज तीरंदाज दीपिका कुमारी ने देश का नाम रोशन कर दिया है। पेरिस में जारी तीरंदाजी वल्र्ड कप में इतिहास रचते हुए दीपिका ने एकल, महिला रिकर्व टीम और मिश्रित युगल मुकाबलों में स्वर्ण पदक जीता है। खास यह है कि दीपिका ने रविवार को अपने पति अतानु दास के साथ मिलकर मिश्रित युगल में स्वर्ण पर निशाना लगाया। ऐसी उपलब्धि हासिल करने वाली अतानु और दीपिका की यह पहली जोड़ी है। तीरंदाजी में दीपिका कुमारी के लिए यह सबसे खास मुकाम है। उनके प्रदर्शन की जितनी सराहना की जाए, कम होगी। पेरिस में जारी तीरंदाजी वल्र्ड कप में उनसे ऐसे शानदार प्रदर्शन की उम्मीद किसी को नहीं होगी। इस शानदार जीत के बाद ओलंपिक खेलों में भारत के लिए पदक की आशा बहुत बढ़ गई है। भारत रत्न सचिन तेंदुलकर ने दीपिका कुमारी की शानदार कामयाबी की भरपूर सराहना की है, तो कोई आश्चर्य नहीं है। सचिन ने बडे़ उत्साह के साथ कहा है कि पेरिस में दीपिका ने जिस तरह का खेल दिखाया है, उससे समझ आ गया है कि ओलंपिक खेलों के दौरान दुनिया को क्या देखने को मिलेगा। वाकई दीपिका कुमारी इस सफलता और मान्यता की सही मायने में हकदार हैं। रिकर्व इंडिविजुअल इवेंट में दीपिका ने रूस की एलेना ओसीपोवा को 6-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता है। इतने भारी अंतर से जीत कोई तुक्का नहीं है। महिला रिकर्व टीम स्पद्र्धा में दीपिका की अगुवाई वाले भारतीय दल ने मेक्सिको की टीम को 5-1 से हराकर स्वर्ण जीता, तो मिश्र युगल में अतानु और दीपिका ने हॉलैंड की जोड़ी जेफ वान देन बर्ग और गेबी स्च्लोएसेर को हराकर स्वर्ण अपनी झोली में डाला। तीरंदाजी की दुनिया में यह एक बड़ी घटना है, जिसकी खूब चर्चा हो रही है। दीपिका का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले से कहीं ज्यादा चमक के साथ उभरकर आया है। अपनी इस शानदार कामयाबी पर दीपिका ने उचित ही कहा कि ‘मैं ऐसा प्रदर्शन करके बहुत खुश हूं और इसे बरकरार रखना चाहती हूं। मैं इसमें और सुधार करना चाहती हूं, क्योंकि आगे आने वाले टूर्नामेंट्स मेरे लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। मैं जो सीख सकती हूं, उसे जारी रखने की पूरी कोशिश करूंगी।’ दीपिका कुमारी की टिप्पणी से भी ज्यादा प्रेरक टिप्पणी उनके पति तीरंदाज अतानु दास की है, जिन्होंने कहा है, ‘हम दोनों एक-दूसरे के लिए बने हैं। मुझे लगता है कि इसी कारण हमारी शादी हुई है। हम एक-दूसरे को न केवल प्रेरित करते हैं, बल्कि एक-दूसरे का उत्साह बढ़ाते हैं और एक साथ जीतते हैं।’ भारतीय खेलों में जोड़ियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। कई बार पदक तक का सफर खिलाड़ियों को अकेले ही पूरा करना पड़ता है, लेकिन जब किसी मजबूत साथी का साथ मिलता है, तो कामयाबी में चार चांद लग जाते हैं। आज अगर अपने इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत दीपिका दुनिया की नंबर वन तीरंदाज बन गई हैं, तो इसमें अतानु दास की अहम भूमिका है। इस जोड़ी को ओलंपिक पदक के लिए सम्मिलित रूप से कोशिश करनी चाहिए। दीपिका से भारत की उम्मीदें बढ़ गई हैं, उन्हें दिलो-जान से अभ्यास में जुट जाना चाहिए। पेरिस में उनके प्रदर्शन से लगता है कि यह समय उनके लिए अनुकूल चल रहा है। अत: उन्हें अपनी ताजा कामयाबी से आगे बढ़कर अगली प्रतिस्पद्र्धा पर फोकस करना चाहिए। 


Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget