मालाड हादसा : बिल्डिंग बनाने वाला ठेकेदार गिरफ्तार


मुंबई

बुधवार को तेज बारिश की वजह से मालवानी इलाके में चार मंजिला इमारत ढहने से हुए हादसे पर पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। पुलिस ने बिल्डिंग बनाने वाले ठेकेदार रमजान शेख को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं बिल्डिंग मालिक रफीक सिद्दकी पर भी केस दर्ज किया है। बतादें कि बारिश की वजह से बुधवार रात चार मंजिला इमारत ढह कर दूसरी इमारत पर गिर गई थी। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई। लोगों को मलबे से बाहर निकालने का काम पूरे दिन जारी रहा। हादसे के बाद ज्वाइंट सीपी विश्वास नांगरे पाटिल ने कहा था कि बिल्डिंग मालिक और ठेकेदार के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 (2) गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। हाल ही में आए तौकते तूफान के बाद ही दोनों ने बिल्डिंग के स्ट्रक्चर में कुछ बदलाव किए थे। इस हादसे में मोहम्मद रफी के 6 बच्चों समेत परिवार के 10 लोगों की मौत हो गई। 

खबर के मुताबिक मोहम्मद रफी के परिवार में 12 लोग थे, जिसमें छह बच्चे और चार बड़े शामिल थे। दूध लेने घर से निकले रफी को क्या पता था कि जब वह वापस लौटेंगे तो उसका हंसता खेलते परिवार पूरी तरह से तबाह हो जाएगा। एक तरफ वह घर से बाहर निकले दूसरी तरफ बिल्डिंग गिरने से भीषण हादसा हो गया। जब वह वापस लौटे तो यह मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। अब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इमारत बनाने वाले ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही मालिक पर भी केस दर्ज किया गया है। दोनों पर हाल ही में इमारत के स्ट्र्क्चर में कुछ बदलाव करने का आरोप है।

हाईकोर्ट ने न्यायिक जांच शुरू की

बंबई उच्च न्यायालय ने मुंबई के मलवनी इलाके में एक इमारत गिरने की घटना की न्यायिक जांच शुक्रवार को शुरू की। इस घटना में 12 लोगों की मौत हो गयी थी। अदालत ने कहा कि इस घटना ने साबित कर दिया कि मुंबई में नगर निगम वार्डों के साथ ही उसके आसपास के इलाकों में पूरी तरह से अराजकता थी। मुंबई के मलवनी इलाके में बुधवार देर रात तीन मंजिला एक इमारत की दो मंजिलों के पास के एक मंजिला मकान पर गिरने से आठ बच्चों सहित 12 लोगों की मौत हो गई और सात अन्य लोग घायल हो गए थे।

मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जी एस कुलकर्णी की पीठ ने जांच आयुक्त को घटना की प्रारंभिक रिपोर्ट 24 जून तक सौंपने का निर्देश दिया। पीठ ने कहा कि वह इस घटना से काफी दुखी है, जिसमें आठ मासूम बच्चों की मौत हो गयी। अदालत ने कहा कि संबंधित नगर निगम वार्ड के प्रभारी को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। पीठ ने आगे कहा कि इस साल 15 मई से 10 जून के बीच मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में इमारतें गिरने की चार घटनाएं हुईं जिनमें कुल 24 लोगों की मौत हो गई। पीठ ने कहा, ‘‘यह क्या हो रहा है? कितने लोगों की जान जाएगी? ये किस प्रकार की इमारतें हैं? क्या उनकी पहचान खतरनाक या अवैध के रूप में की गई थी, लेकिन उन्हें तोड़ा नहीं गया था या उनकी पहचान नहीं की गई थी?’


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