भाजपा ने की राज्यपाल से मानसून सत्र अवधि बढ़ाने की मांग

फड़नवीस के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने की कोश्यारी से मुलाकात

fadanvis koshyari

मुंबई 

राज्य सरकार द्वारा बुलाए गए दो दिन के मानसून सत्र का भाजपा ने विरोध किया है। भाजपा ने इसको लेकर राज्यपाल से मांग की है कि सत्र की निर्धारित अवधि को बढ़ाया जाए। बुधवार को विधानसभा में विपक्ष नेता देवेंद्र फड़नवीस के नेतृत्व में भाजपा के एक प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। प्रतनिधि मंडल ने मानसून सत्र को दो दिन की बजाय और बढ़ाने की मांग की। सत्र की अवधि बढ़ाने और विधानसभा अध्यक्ष पद चुनाव के अलावा अन्य कई मुद्दों को लेकर प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल को  ज्ञापन सौंपा। 

विधानसभा अध्यक्ष को लेकर राष्ट्रपति को एक रिपोर्ट भेजी जाए जिसमें उन्हें बताया जाए कि राज्य में संवैधानिक व्यवस्था चरमरा गई है। 

इसके साथ राज्यपाल से ओबीसी समाज को स्थानीय निकाय चुनाव में राजनीतिक आरक्षण को लागू करने के लिए कोई रास्ता निकालने की  मांग की गई है।

अधिवेशन की अवधि लंबी होनी चाहिए

राज्यपाल से मुलाकात के बाद फड़नवीस ने महाविकास आघाड़ी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केवल पांच और छह जुलाई को दो दिनों का सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया है। 

अधिवेशन की अवधि लंबी होनी चाहिए, यह हमारी नहीं बल्कि सभी दलों के विधायकों की मांग है। वे सरकार में होने के कारण खुलकर नहीं बोल पा रहे है। सत्र के दौरान सदन में सभी सदस्यों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से जुडी समस्याओं को उठाने का मौका मिलता है। इसमें तारांकित प्रश्न, आकर्षक सुझाव, विशेष उल्लेख, औचित्य के बिंदु, आधे घंटे की चर्चा, विपक्ष के प्रस्ताव जनता के कई प्रश्नों के साथ न्याय होता है। विपक्ष नेता ने कहा कि मौजूदा समय में राज्य में किसानों, गरीबों, छात्रों और अन्य लोगों से जुड़े कई सवाल हैं।  विदर्भ में धान, सोयाबीन उत्पादकों, उत्तरी महाराष्ट्र में केला उत्पादकों, कोंकण में किसानों की कई समस्याएं हैं। लगातार दो बार आए तूफानों के कारण उनकी आर्थिक हालत खराब हो गई है। बिजली बिलों को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह असमंजस में है। मनमाने ढंग से लोगों द्वारा वसूली की जा रही है। स्कूल-कॉलेज बंद होने और परीक्षाएं नहीं होने पर छात्रों के भी बड़े सवाल हैं। राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हो गई है। लेकिन, राज्य सरकार किसी मुद्दे पर चर्चा नहीं करना चाहती है। मराठा और ओबीसी आरक्षण की समाप्ति के साथ इन दोनों समुदायों में भारी आक्रोश है। इन दोनों मुद्दों पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। लेकिन नियमित सत्र में भी राज्य सरकार इस पर चर्चा प्रतिनिधि मंडल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत दादा पाटिल, विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर, राधाकृष्ण विखे पाटिल, गिरीश महाजन, मंगलप्रभात लोढ़ा, प्रसाद लाड, योगेश सागर, मनीषा चौधरी सहित कई अन्य नेता शामिल थे।


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