कोरोना से बेसहारा तीन हजार से ज्यादा बच्चे चिन्हित

बाल सेवा योजना का मिलेगा लाभ

लखनऊ

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत प्रदेश के 3,590 बच्‍चों को चिन्हित किया गया है। इन बच्‍चों में लगभग 500 बच्‍चे ऐसे हैं, जिन्‍होंने अपने माता-पिता को कोरोना काल में खो दिया है। वहीं, शेष वो बच्‍चे हैं, जिन्‍होंने माता-पिता दोनों में से किसी ए‍क को खोया है। इन सभी बच्‍चों का ब्‍योरा एकत्र कर स्‍वराज पोर्टल पर अपलोड कर दिया है। इसके साथ ही बाल संरक्षण आयोग जल्‍द ही बचपन को संवारने की बड़ी तैयारी की है। इसके तहत अब चौराहों को गोद लेने के लिए समाज के विशिष्‍ट लोगों को प्रोत्‍साहित किया जाएगा।

आयोग की ओर से पार्षद, सरकारी व गैर-सरकारी एनजीओ और राजनैतिक प्रतिनिधियों को इसकी जिम्‍मेदारी सौंपी जाएगी। चौराहों को गोद लेने की प्रक्रिया के तहत प्रदेश के बेसहारा बच्‍चों, बाल श्रमिकों व भिक्षावृत्ति कर रहे सभी बच्‍चों का सर्वे किया जाएगा और इन बच्‍चों के भरण पोषण, आश्रय के संग इनको शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्‍साहित किया जाएगा। इन सभी बच्‍चों को चिन्हित कर उनके पुनर्वासन के साथ ही 18 साल से अधिक के इन चिन्हित बाल श्रमिकों को भी मनरेगा और कौशल विकास की योजना से जोड़ इनके भविष्‍य को संवारा जाएगा।  

बाल आयोग का पार्टियों को नोटिस

बाल आयोग के अध्‍यक्ष डॉ. विशेष गुप्‍ता के मुताबिक अधिकारी, एनजीओ और राजनैतिक दलों के लोगों द्वारा इस योजना के तहत अनाथ बच्‍चों की पहचान को उजागर करने पर नोटिस भेजी गई है। 


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