भारतीय तीरंदाजों का शानदार प्रदर्शन

तीन स्वर्ण पदक किए अपने नाम


पेरिस

भारतीय तीरंदाजों ने रविवार को यहां विश्व कप के तीसरे चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्वर्ण पदक अपनी झोली में डाला। अतनु दास और उनकी पत्नी दीपिका कुमारी ने रविवार को मिश्रित टीम स्पर्धा के फाइनल में नीदरलैंड के जेफ वान डेन बर्ग और गैब्रिएला शोलेसर से 0-2 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए 5-3 से जीत हासिल की और भारत को प्रतियोगिता में तीसरा स्वर्ण पदक दिलाया। इससे पहले दीपिका, अंकिता भगत और कोमोलिका बारी की भारतीय महिला रिकर्व टीम ने मेक्सिको पर 5-1 की आसान जीत से स्वर्ण पदक अपने नाम किया। महिला रिकर्व टीम पिछले हफ्ते ओलंपिक क्वालीफाई करने से चूक गयी थी और इस स्वर्ण पदक से उसने इस निराशा को कम करने की कोशिश की। अतनु ने जीत के बाद कहा, ‘यह शानदार अहसास है। पहली बार हम एक साथ फाइनल में खेल रहे थे और हमने एक साथ जीत हासिल की, बहुत खुशी महसूस हो रही है।’ उन्होंने कहा, ‘ऐसा लगता है कि हम एक दूसरे के लिये बने हैं। लेकिन मैदान में हम ‘कपल’ नहीं हैं, बल्कि अन्य प्रतिस्पर्धियों की तरह हम एक दूसरे को प्रेरित करते हैं, सहयोग करते हैं और एक दूसरे का समर्थन करते हैं।’ दीपिका ने महिला टीम को इस साल विश्व कप में लगातार दूसरा स्वर्ण पदक दिलाने की अगुआई की। उन्होंने कहा, ‘बहुत खुशी हो रही है।’ शनिवार को अभिषेक वर्मा ने कम्पाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। दुनिया की तीसरे नंबर की तीरंदाज दीपिका, अंकिता और कोमोलिका की तिकड़ी ने विश्व कप के पहले चरण के फाइनल में भी मेक्सिको को हराकर पहला स्थान हासिल किया था। टीम ने इस तीसरे चरण में भी मेक्सिको को हराकर स्वर्ण पदक जीता और इस दौरान एक भी सेट नहीं गंवाया। इस साल यह विश्व कप में उनका लगातार दूसरा और कुल मिलाकर छठा (शंघाई 2011, मेडेलिन 2013, रोक्लॉ 2013, रोक्लॉ 2014, ग्वाटेमाला सिटी 2021) स्वर्ण पदक है।


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