अनंत यात्रा पर 'उड़न सिख'

पीएम ने जताया शोक, राजकीय सम्‍मान के साथ अं‌तिम संस्‍कार

milkha singh

चंडीगढ़

उड़न सिख के नाम से मशहूर महान एथलीट पद्मश्री‍ मिल्‍खा सिंह का शुक्रवार देर रात निधन हो गया। उन्‍होंने रात 11:30 बजे अंतिम सांस ली। कोरोना संक्रमण के कारण वह तीन जून से पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती थे। मिल्खा सिंह कोरोना वायरस से तो उभर चुके थे लेकिन पोस्ट कोविड साइडइफेक्ट्स से वह नहीं उबर सके। वह 91 साल के थे। पांच दिन पहले ही उनकी पत्नी निर्मल मिल्‍खा सिंह का निधन मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में हुआ था। वह भी कोरोना संक्रमण से पीड़ित थीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के महान धावक मिल्खा सिंह के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि भारत ने ऐसा महान खिलाड़ी खो दिया जिनके जीवन से उदीयमान खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलती रहेगी। मोदी ने ट्वीट किया, 'मिल्खा सिंह जी के निधन से हमने एक महान खिलाड़ी को खो दिया जिनका असंख्य भारतीयों के ह्रदय में विशेष स्थान था। अपने प्रेरक व्यक्तित्व से वे लाखों के चहेते थे। मैं उनके निधन से आहत हूं।' 'मैंने कुछ दिन पहले ही मिल्खा सिंह जी से बात की थी। मुझे नहीं पता था कि यह हमारी आखिरी बात होगी। उनके परिवार और दुनिया भर में उनके प्रशंसकों को मेरी संवेदनाएं।'

मिल्खा सिंह के घर पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल और हरियाणा के खेल मंत्री संदीप सिंह भी पहुंचे। वहीं, केंद्रीय खेल मंत्री रिजिजू और यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर  उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। मिल्खा सिंह का पार्थिव शरीर शाम 4:15 बजे घर से सेक्टर-25 श्मशानघाट लाया गया। अंतिम संस्कार की रस्में पूरी होने के बाद मिल्खा सिंह को राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन किया गया।

उड़न सिख मिल्खा सिंह के चाहने वालों ने नम आखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। मिल्खा सिंह के अंतिम दर्शन के लिए पंजाब के लुधियाना से खास तौर पर मास्टर इंटरनेशनल एथलीट चन्नण सिंह भी चंडीगढ़ पहुंचे थे। चन्नण सिंह ने मलेशिया मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पांच मेडल जीते हैं। मिल्खा सिंह को अपना प्रेरणा स्रोत मानते हैं।


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