हमारे लोग कुछ भी कर सकते हैं

पैसों का लालच व्यक्ति को एक से एक अधर्म करने की अनुमति दे देता है, लेकिन इस कोरोना काल में जिस तरह निहित स्वार्थी तत्वों ने कभी दवाई की कालाबाजारी कर, कभी जरूरी इंजेक्‍शन बेच कर, निजी अस्पतालों ने भारी भरकम फीस वसूल कर, जो शर्मनाक और अमानवीय तस्वीर पेश की है वह जितना दुखद उतना ही पीड़ादायक है और अब वैक्सीन के नाम कुछ और ही लगाने का जो मामला प्रकाश में आया है और जिसमें लिप्त कई लोग सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं और कईयों की तलाश जारी है जितना दुखद है उतना ही घृणित भी. लज्जा आती है यह सुनकर कि हमारे समाज में ऐसे-ऐसे भी लोग रहते हैं, जिन्होंने पैसों के लालच में अपना दीन-ईमान इस कदर बेच दिया है कि ये बड़ा से बड़ा पाप करने से भी परहेज नहीं करते. कोई वैक्सीन नहीं लगाकर अपना धार्मिक फर्ज निभाता है, तो कोई वैक्सीन लगाने के नाम पर भोली-भाली जनता को फंसा रहा है. आखिर ऐसा कब तक चलता रहेगा. आपदा अवसर प्रदान करती है यह सच है पर ऐसा अवसर का लाभ जिससे मानवता तार-तार हो जाय सिर्फ हमारे यहां ही दिखता है. केंद्र सरकार, राज्य सरकार ऐसे लोगों को सख्त चेतावनियां जारी कर चुकी है, देश भर में तमाम लोगों पर सख्त कार्रवाई भी हुई है फिर भी मानव रूप में घूम रहे ये भेड़िये किसी ना किसी रूप में अपना कुत्सित खेल दिखा ही जाते हैं. आवश्यक है कि लोगों का दुर्दिन में फायदा उठाकर उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले ये लोग ऐसा ना कर सकें इसके लिए चौकसी और बढाई जाए. साथ ही निजी स्थानों पर वैक्सीनेशन की अनुमति देने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि वहां उक्त काम सही तरीके से होगा की नहीं और काम शुरू होने के बाद भी समय-समय पर यह चेक किया जाए कि वहां सही तरीक से काम हो रहा है कि नहीं. वैक्‍सीन लगवाकर व्यक्ति निश्चिंत होता है कि अब उसके महामारी की चपेट में आने की संभावना काफी कम है. वैक्सीन ना लगाकर कुछ और लगा देना उसके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है, जानलेवा है. इस तरह के मामलों में गिरफ्तार लोगों पर उनके अपराध्‍ा के अनुरूप उसी तरह की कड़ी धाराएं लगानी चाहिए जिससे कोई और सिरफिरा इस तरह की हिमाकत करने की जुर्रत न कर सके. पूरा देश और दुनिया महामारी के कहर से विलख रही है, ना जाने कितनों ने अपने परिवारजनों को खो दिया है, ना जाने कितने बच्चे अनाथ हो गये हैं, ना जाने कितनों की रोजी-रोटी जा चुकी है, लोग भुखमरी की कगार पर हैं, ऐसे में जिस किसी तरह वह दवाई कराने अस्पताल पहुंच रहे हैं, निजी केंद्रों पर वैक्सीन लगवा रहे हैं, उसमें भी उनके साथ धोखा हो उनसे अनाप-शनाप पैसे वसूले जाएं यह एक अक्षम्य अपराध है. ऐसा करने वाले, कालाबाजरी करने वाले और मनमानी वसूली करने वाले निजी अस्पताल और चिकित्सक सब कड़ी से कड़ी कार्रवाई के पात्र हैं. जैसा ये अपने काम में कोई दया-मया नहीं दिखाते वैसे ही इनके साथ भी होना चाहिए यही वक्त की मांग है. कारण ये ऐसा व्यवहार कर रहे हैं जो मानवता के प्रतिकूल है तो इनके साथ भी वैसा ही सलूक होना चाहिए जैसा दानवों के साथ होता है. कारण ये भी अपने कर्मों से दानवता को भी शर्मसार कर रहे हैं. जनता को भी सिर्फ भेड़-बकरियों की तरह सब कुछ झेलते जाने की जरूरत नहीं है. जब  सरकार हर तरह की सख्ती कर रही है कि उक्त नकारात्मक बातें ना हो तो जनता को भी  चौकस रहने की जरूरत है और जहां भी उक्त किसी भी तरह की धांधली हो रही है उसे संबंधित सरकारी महकमे के ध्यान में लाने की जरूरत है. यदि सरकार और जनता साथ काम करेगी तो ऐसी प्रवृत्तियों पर विराम लगना मुश्किल नहीं है.


Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget