घाटी में अर्धसैनिक बलों की बढ़ी तैनाती !


श्रीनगर

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संग मुलाकात और उससे पूर्व अचानक ही जम्मू-कश्मीर के मुख्यसचिव पद पर फेरबदल के बीच प्रदेश में अर्धसैनिक बलोें की बीते एक सप्ताह से लगातार बढ़ रही तैनाती से अफवाहों का बाजार फिर गर्म हो गया है। लोगों में कयास लगाया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में जल्द ही कुछ बड़ा होने जा रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी इस पर चिंता जताते हुए केंद्र व प्रदेश सरकार से स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में विशेषकर उत्तरी कश्मीर और जम्मू प्रांत के किश्तवाड़, डोडा व पुंछ जैसे इलाकों में बीते एक सप्ताह के दौरान अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त टुकड़ियों को तैनात किया गया है। कंगन और गांदरबल में भी अर्धसैनिक बलों की तीन कंपनियां नयी तैनात हुई हैं। संबंधित सूत्रों के मुताबिक, अर्धसैनिक बलों की 70 कंपनियां बीते चंद दिनों में तैनात की गई हैं। इस तरह अचानक ही अर्धसैनिक बलों की तैनाती की प्रक्रिया 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम को लागू किए जाने से करीब 10 दिन पहले शुरु हुई थी। इसलिए अब जितने मुंह उतनी बातें हो रही हैं। गली मोहल्लों से लेकर इंटरनेट मीडिया पर सुरक्षाबला की तैनाती काे लेकर हरेक अपना दावा कर रहा है। कुछ कह रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर को अब दो अलग राज्यों में बांटा जा रहा है तो कई जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किए जाने पर कार्रवाई की बात कर रहे हैं। कईयों के मुताबिक कश्मीरी पंडितों को कश्मीर में एक अलग होमलैंड दिया जा रहा है। कई दावा कर रहे हैं कि डोडा-रामबन और पुंछ राजौरी के साथ दक्षिण कश्मीर के कुछ हिस्से जोड़ नई प्रांतीय इकाईयां तैयार की जा रही हैं।


Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget