पहली बौछार से मुंबई बेजार


मुंबई

कोरोना महामारी और उसके चलते लगे लॉकडाउन से चंद दिन पहले राहत की सांस लेने वाली मायानगरी मुंबई को बरखारानी की पहली बौछार ने पूरी तरह लाचार और बेजार कर दिया। दिन भर हुई मानसून की पहली बारिश ने देश की सबसे अमीर मुंबई महानगरपालिका के मानसून से निपटने के तमाम दावों को पानी का बुलबुला साबित कर दिया। 

दक्षिण-पश्चिम मानसून दो दिन पहले बुधवार को मुंबई में दस्तक देने के साथ राहत और आफत की तेज बारिश कर दी, जिसके चलते नगर-उपनगर तथा आस-पास के क्षेत्रों का समान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों को तेज बारिश की बौछारों ने काफी समय के लिए ठप कर दिया तो बेस्ट की बसों और अॉटो-टैक्सी को पानी में रेंगने के लिए विवश किया। परिणामतः तेज रफ्तार के शौकीन मुंबईकरों के माथे पर पसीने की बूंदें नजर आने लगीं। इस बीच, IMD मुंबई ने बुधवार को बारिश का रेड अलर्ट जारी करने के साथ आगामी चार दिनों के लिए अॉरेंज अलर्ट घोषित कर दिया।  

कई इलाकों में सड़कें जलमग्न

आईएमडी मुंबई के उप महानिदेशक डॉ. जयंत सरकार ने बताया कि मॉनसून मुंबई पहुंच गया है। मुंबई में मॉनसून के पहुंचने की तारीख 10 जून थी लेकिन इस बार समय से एक दिन पहले मॉनसून का आगमन हुआ है। इससे पहले मंगलवार को प्री मॉनसून की बारिश ने मुंबई को पानी-पानी कर दिया। बुधवार की बारिश ने मुंबई के वडाला, सायन, माटुंगा, चेंबूर, हिंदमाता, दादर, परेल, मिलन सब-वे  में भारी जलजमाव हो जाने से लोगों को आवागमन करने में भारी मुसीबतों को सामना करना पड़ा।  मीठी नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी तो उसके किनारे की बस्तियों के लोगों को बाढ़ की आशंका ने घेर लिया। 

मुंबई नगर-उपनगर में बाढ़ के चलते दिख रहे भारी संकट का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे मनपा मुख्यालय में बनाये गए आपदा नियंत्रण कक्ष पहुंचे। यहां पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बाढ़ का पानी जल्द से जल्द खाली करने का निर्देश दिया। फिलहाल मौसम विभाग मुंबई और आस-पास के क्षेत्रों में चार से पांच दिन के लिए बारिश का अॉरेंज अलर्ट जारी करके संकेत दिया है कि मुंबई में बरखारानी अपना रौद्र रूप दिखा सकती है।

महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा में 11-13 जून के बीच भारी बारिश

दक्षिणी गुजरात के तट पर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसके असर से कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, दक्षिणी गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल में 11-13 जून के बीच भारी बारिश होने की आशंका है। मौसम विभाग के मुताबिक देशभर में 9 जून तक करीब 33.6 मिमी बारिश हो चुकी है जो, 1 से 8 जून तक होने वाली सामान्य औसत बारिश (28.3 मिमी) से 18% (5.3 मिमी) ज्यादा है। 

अगले कुछ दिनों में मानसून तेलंगाना, आंध्र प्रदेश के बचे हुए सभी हिस्सों में सक्रिय हो जाएगा। 4-5 दिनों में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, गुजरात, तेलंगाना समेत करीब 14 राज्यों में तेज बारिश होने की आशंका है। मौसम विभाग के मुताबिक 10 जून के बाद पूर्वी भारत और उससे लगे मध्य भारत में खासकर ओडिशा और पश्चिम बंगाल के गंगीय क्षेत्र में भारी बारिश होने की आशंका है। बंगाल की खाड़ी में इस मानसून का पहला कम दबाव का क्षेत्र तैयार हो रहा है। इसके असर से ओडिशा, सिक्किम, झारखंड, बिहार, पूर्वी UP, MP और गुजरात के कुछ हिस्सों में मानसून पहुंच जाएगा।

ठाणे में झील और बांध के पास जाने पर रोक

ठाणे जिला प्रशासन ने क्षेत्र में मानसून की शुरुआत के मद्देनजर झरनों, झीलों और बांधों के पास लोगों के जमा होने पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिला कलेक्टर राजेश नार्वेकर ने क्षेत्र में जलाशयों पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आदेश जारी किया है। आदेश में जिले के कुछ खतरनाक स्थानों की सूची दी गई है और लोगों से कहा गया है कि वे मानसून के दौरान इन स्थानों पर न जाएं।

यह आदेश सीआरपीसी की धारा 144, महामारी अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत जारी किया गया है। ठाणे तालुका में येयूर, कलवा, मुंब्रा, रेतीबंदर, गौमुख और उत्तन समुद्र तट पर लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।


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