पांच साल तक ​​शिवसेना के पास रहेगा मुख्यमंत्री पद

ढाई-ढाई साल के फार्मूले पर राउत का दो टूक जवाब
शिवसेना के नेतृत्व में ही आघाड़ी सरकार पूरा करेगी कार्यकाल


मुंबई

राज्य में शिवसेना के नेतृत्व वाली महाविकास आघाड़ी सरकार में क्या राकांपा और शिवसेना के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर ढाई-ढाई साल का फार्मूला तय हुआ है। पिछले कुछ दिनों से राज्य में चल रही इस चर्चा का शिवसेना सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने जवाब दिया। रविवार को नाशिक में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राउत ने कहा कि राज्य में शिवसेना के नेतृत्व में बनी महाविकास आघाड़ी सरकार पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा करेगी। इस पूरे पांच साल में मुख्यमंत्री शिवसेना का ही रहेगा। राउत से पूछे जाने पर कि क्या मुख्यमंत्री को लेकर राकांपा और शिवसेना के बीच ढाई-ढाई साल के सीएम पद के फार्मूले पर सरकार स्थापित हुई है, के जवाब में राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई बंटवारा नहीं हुआ है। पूरे पांच साल तक मुख्यमंत्री पद शिवसेना के पास ही रहेगा। इस संबंध में राकांपा प्रमुख शरद पवार भी स्पष्ट कर चुके है। मुख्यमंत्री पद को लेकर जो भ्रम फैलाया जा रहा है, वह दूर होना चाहिए। मेरे सामने बहुत सारी चर्चा हुई थी उसका मैं गवाह हूं, इसलिए मुझे मालूम है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई बंटवारा नहीं हुआ था। पूरे पांच साल तक मुख्यमंत्री शिवसेना के पास ही रहेगा।

पटोले के बयान पर राउत का तंज

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले द्वारा राज्य में होने वाले स्थानीय और विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ने के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संजय राउत ने कहा कि हर राजनीतिक पार्टियां चाहती है कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री उनकी पार्टी का बने। इसी के तहत नाना पटोले को भी कांग्रेस पार्टी के लिए सोचने और बोलने का अधिकार है। कांग्रेस में बहुत प्रमुख लोग भी हैं, जो निश्चित रूप से, प्रधानमंत्री पद के योग्य उम्मीदवार हैं। 

2024 में क्या होगा, इसका अंदाजा अभी लगाना ठीक नहीं

साल 2024 में होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में राजनीतिक समीकरण क्या हो सकता है, के जवाब में राउत ने कहा कि साल 2024 के चुनाव को लेकर अभी से अंदाजा लगाना ठीक नहीं है। राजनीति में कब क्या हो जाए, यह कोई नहीं बता सकता इसलिए साल 2024 का चुनाव अभी बहुत दूर है।

पीके शिवसेना के लिए भी कर चुके हैं काम

शुक्रवार को राकांपा प्रमुख शरद पवार और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की मुलाक़ात के बाद गरमाई सियासत पर संजय राउत ने कहा कि यह पहला मौका नहीं है जब प्रशांत किशोर ने राज्य के किसी नेता से मुलाक़ात किया है। इसके पहले वे शिवसेना पक्ष प्रमुख उध्दव ठाकरे से भी मिल चुके हैं। प्रशांत किशोर और राहुल गांधी भी मिल चुके हैं। मैं खुद कई बार प्रशांत किशोर से मिल चुका हूं। मुझे लगता है कि प्रशांत किशोर पूरी राजनीतिक व्यवस्था में एक मझे हुए रणनीतिकार हैं, उनके पास एक प्रणाली है और वह प्रणाली देश के सभी राजनीतिक दलों द्वारा उपयोग की जाती है। कभी यही प्रशांत किशोर भाजपा के लिए काम कर रहे थे। नीतीश कुमार के लिए काम किया था। वह पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह और राहुल गांधी के लिए उत्तर प्रदेश में काम कर रहे थे। उन्होंने पिछले चुनाव में शिवसेना के लिए काम किया है।

संगठन बढ़ाने के लिए सभी दल स्वतंत्र : मलिक

राकांपा प्रवक्ता और मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि राज्य में कामन मिनिमम प्रोग्राम के तहत शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा की महाविकास आघाड़ी सरकार स्थापित हुई है। ऐसे में कोई भी पार्टी अपने संगठन को मजबूत करने लिए स्वतंत्र है। आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव को लेकर तीनों पार्टियों के बीच कोई चर्चा नहीं हुई है।

पटोले मुख्यमंत्री तो राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं

भाजपा विधायक अतुल भातखलकर ने कहा कि नाना पटोले मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं और राहुल गांधी प्रधानमंत्री, लेकिन राज्य और देश की जनता ऐसा बिलकुल नहीं सोचती। पटोले और राहुल गांधी की समस्या यह है कि वे किसी भी मुद्दे पर बिना सोचे समझे बोलते हैं, जिसे जनता बिलकुल पसंद नहीं करती।


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