आतंकवाद को रौंदने की प्रतिज्ञा

पीएम के नेतृत्व में हाई लेवल मीटिंग


नई दिल्ली

अतिसंवेदनशील जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन से हमला किए जाने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और एनएसए अजीत डोभाल के साथ करीब दो घंटे तक उच्च स्तरीय बैठक की। इसमें रक्षा क्षेत्र में भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा और सुरक्षा बलों को आधुनिक उपकरणों से लैस किए जाने पर बल दिया गया। 

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जम्मू-कश्मीर में सिर उठा रहे आतंकवाद के अलावा ड्रोन से किए गए हमले से निपटने के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके साथ हाई लेवल मीटिंग में शामिल हुए मंत्रियों ने जोर दिया। 

इस बैठक में एलओसी पर आतंकियों की घुसपैठ को रोकने और कश्मीर घाटी में खून-खराबे फिराक में रहने वाले आतंकियों के खात्मे की रणनीति बनाई गई। सरकार ने अपनी ड्रोन पॉलिसी पर भी चर्चा की। सूत्रों के दावे को सच माना जाए तो एलएसी पर चीन द्वारा किए जा  रहे सैनिक जमावड़े से निपटने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। 

रविवार आधी रात जम्मू एयरबेस के तकनीकी इलाके में दो विस्फोट हुए थे। ये धमाके विस्फोटकों से लदे दो ड्रोन से किए गए थे। इन धमाकों में एक इमारत को नुकसान पहुंचा और भारतीय वायुसेनाकर्मियों को हल्की चोट पहुंची। 

सोमवार को जम्मू में वायुसेना स्टेशन के पास भी दो ड्रोन देखे गए हैं। जब सुरक्षाकर्मियों ने उन ड्रोन पर फायरिंग की तो वे उड़ गए। 

गृह मंत्रालय (एमएचए) ने सोमवार को देश में अपनी तरह के पहले आतंकी हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी।

जम्मू-कश्मीर पुलिस प्रमुख दिलबाग सिंह ने कहा कि रविवार को जम्मू एयरबेस पर हमले के पीछे पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ हो सकता है। सोमवार को जो दो ड्रोन दिखे थे, उनके पीछे भी यही ग्रुप हो सकता है।

जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर हुए ड्रोन हमले और बाद में आसपास के कुछ इलाकों में दिखे ड्रोन से खतरे की घंटी बजती हुई दिख रही है। 

इस पूरी बेल्ट में सेना के कई बेस, स्टेशन और कैंट इलाके हैं। पठानकोट में हाईअलर्ट कर दिया गया है।


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