लखनऊ पहुंचते ही तेवर में दिखे जितिन प्रसाद

बिना नाम लिए विपक्षी पार्टियों पर कसा तंज

लखनऊ

कांग्रेस में लंबी राजनीतिक पारी खेलने के बाद भाजपा का दामन थामने वाले जितिन प्रसाद खुद बोले कि वह ज्यादा बोलने में विश्वास नहीं रखते, लेकिन शनिवार को पहली बार भाजपा प्रदेश मुख्यालय पहुंचकर उन्होंने कुछ शब्दों में ही बिना नाम लिए अपनी पीड़ा जाहिर कर दी कि कांग्रेस क्यों छोड़ी? 'सिर्फ भाजपा में ही कार्यकर्ताओं की भावनाओं का ख्याल रखा जाता है।' इस पंक्ति का स्पष्ट संदेश था कि कांग्रेस में हो रही उपेक्षा से वह आहत थे। इसी तरह सपा और बसपा का नाम लिए बिना कह दिया कि क्षेत्रीय दल व्यक्ति विशेष के ही इर्द-गिर्द घूमते रहते हैं।

भाजपा की सदस्यता लेने के बाद शनिवार को पहली बार वह भाजपा प्रदेश मुख्यालय पहुंचे। जितिन प्रसाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। इससे पहले प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल से भी मिले। जितिन से वादा किया कि यहां हम सभी मिलकर आपके सम्मान और प्रतिष्ठा की रक्षा करेंगे। इससे अभिभूत जितिन ने खुले मन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्र सरकार और भाजपा संगठन की तारीफ की। दोहराया कि देश में सिर्फ भाजपा ही राष्ट्रीय पार्टी बची है। यहां कार्यकर्ताओं की भावनाओं के अनुरूप नीति निर्धारण होता है। साधारण कार्यकर्ता भी शीर्ष पद पर पहुंच सकता है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि क्षेत्रीय दलों को बनाया तो बड़े नेताओं ने, लेकिन दल छोटे रह गए। यह व्यक्ति विशेष की पार्टियां हैं और उन्हीं के इर्दगिर्द घूमती हैं। जितिन बोले कि उन्होंने कांग्रेस छोडऩे का निर्णय लंबे विचार मंथन, कार्यकर्ताओं और जन भावना के आधार पर ही लिया। एक सवाल पर जितिन ने कहा कि वह ब्राह्मïण चेतना परिषद के संरक्षक थे। काफी कार्यक्रमों में भाग लिया, लेकिन वहां यह चर्चा कभी नहीं हुई कि किस पार्टी को वोट देना है? वहां समाज को एकजुट करने की बात ही होती थी। 


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