आरबीआई की मौद्रिक समीक्षा नीति पर बयान


नई दिल्ली
रिजर्व बैंक ने एक बार फिर सटीक समय पर महामारी की दूसरी लहर के मद्देनजर आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए कई घोषणाएं की हैं। रेपो दरों को स्थिर रखने का फैसला उम्मीद के मुताबिक है और यह वृद्धि की अनिश्चितता दूर करने और मुद्रास्फीति की चुनौती को देखते हुए ऐसा जरूरी था। 15,000 करोड़ रुपये की तरलता उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है, जिससे बुरी तरह प्रभावित होटल, विमानन समेत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम श्रेणी के उद्योगों (एमएसएमई) को मदद मिलेगी। इसके अलावा कोविड- 19 से प्रभावित एमएसएमई की मदद के लिए 2.0 फ्रेमवर्क में घोषित 50 करोड़ रुपये तक के बकाया कर्ज वाले कर्ज पुनर्गठन सुविधा का विस्तार कर दिया गया है। NACH की सप्ताह के सभी दिन उपलब्धता करने से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिये वित्तीय समावेशन के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।


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