ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों के बुनियादी ढांचे को दी जाए प्राथमिकता :उद्धव

सीएम ने की राज्य में ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा

uddhav thackeray

मुंबई 

राज्य के ग्रामीण विभाग में स्वास्थ्य से संबंधित जो कार्य शुरू हैं उसे जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उसके बाद नए स्वास्थ्य संस्थान को मंजूरी देते हुए उसकी प्राथमिकता तय की जाए।  राज्य में कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों को लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें उपस्थित अधिकारियों को मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे ने निर्देश दिया।  मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड संक्रमण की पृष्ठभूमि में राज्य में कई स्थानों पर अस्थायी स्वास्थ्य सुविधाएं स्थापित की गई हैं। भविष्य में इनमें से किस सुविधा को स्थायी रूप से बनाए रखा जा सकता है और किन सेवाओं को उन्नत किया जा सकता है, इसकी योजना तैयार की जानी चाहिए। स्वास्थ्य केंद्रों के बुनियादी ढांचे के निर्माण और मरम्मत के लिए अलग से धनराशि निर्धारित की जाए। सीएम ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधा को चलाने के लिए आवश्यक जनशक्ति और इसके लिए आवश्यक लागत पर भी विचार किया जाना चाहिए। नए स्वास्थ्य संस्थानों को स्वीकृति देते समय पदों की स्वीकृति से भी समय व्यतीत होने से बचा जा सकता है। इस बात पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि क्या दूर-दराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए उद्यमियों और संगठनों की मदद ली जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनसे पूछा जाना चाहिए कि स्वास्थ्य क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास पर एक प्रस्तुति देकर वे क्या जिम्मेदारियां ले सकते हैं। ठाकरे ने सुझाव दिया कि मेलघाट, जवाहर, मोखाडा जैसे आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ ऑक्सीजन उत्पादन पर जोर दिया जाना चाहिए। यह निर्धारित करें कि कोविड संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य देखभाल, ऑक्सीजन और दवा के भंडार की कितनी आवश्यकता होगी।

प्रतिदिन 3,000 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उत्पादन का लक्ष्य हो पूरा 

मुख्यमंत्री ने कहा कि संभावित कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए राज्य की ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता को तेजी से बढ़ाया जाना चाहिए। यह विशेष रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए कि अनुमोदित ऑक्सीजन परियोजनाएं जुलाई के अंत तक बनी रहें। अभी यह कहना मुश्किल है कि संभावित तीसरी लहर में कितने मरीज किस राज्य में रहेंगे। इसलिए भविष्य में पर्याप्त ऑक्सीजन भंडार बनाकर ऑक्सीजन के लिए आत्मनिर्भरता हमेशा अच्छी होगी। जिस जिले में मरीजों की संख्या बढ़ रही है, वहां ऑक्सीजन का भंडार बढ़ाने के उपाय किए जाने चाहिए। 

ऑक्सीजन परिवहन की समुचित योजना बनाई जाए 

मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि देश में सबसे अच्छा डैशबोर्ड बनाया जा रहा है, जो राज्य की स्थिति के बारे में व्यापक जानकारी प्रदान करता है। डैशबोर्ड राज्य में ऑक्सीजन भंडारण, आपूर्ति, उपयोग, सभी प्रकार के अस्पताल के बेड, उनकी उपलब्धता, दवाओं की जिलेवार जानकारी भी प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने इस जानकारी को नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि राज्य में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सक्षम बनाते हुए राज्य के सकल राजस्व का कम से कम 5 प्रतिशत योजना आयोग की सिफारिश के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उपलब्ध कराया जाना चाहिए ताकि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिल सके।

स्वास्थ्य सेवाओं और स्वास्थ्य संस्थानों का पुनर्गठन किया जाना चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं उपकेन्द्र स्थापित करने की स्वीकृति मांगी जाये। 


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