आशा कार्यकर्ताओं के आगे झुकी सरकार


मुंबई

पिछले कई दिनों से अपने विभन्न्न मांगों को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन कर रही आशा कार्यकर्ताओं  की मांग को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला किया है। आशा कार्यकर्ताओं के वेतन में 1,000 रुपये की वृद्धि तथा जुलाई से प्रति महीने कोविड-19 भत्ते के रूप में 500 रुपये की राशि देने की सरकार ने  घोषणा की है। बुधवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने यह जानकारी दी। टोपे ने बताया कि कोरोना महामारी के संकट में अपनी जान जोखिम में डालकर जनता की सेवा करने वाली आशा कार्यकर्ताओं के वेतन में  एक हजार रुपए बढ़ाने और कोविड -19 में काम करने के लिए जुलाई महीने से भत्ते के रूप में प्रति महीने 500 रुपए के अलावा  कार्यकर्ताओं को एक स्मार्टफोन देने का निर्णय लिया गया है। टोपे ने कहा कि सरकार के इस निर्णय के बाद आशा कार्यकर्ताओं ने अपना आंदोलन बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय  से करीब 68,000 सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को लाभ मिलेगा। टोपे ने कहा कि  कोविड-19 से जान गंवाने वाली आशा कार्यकर्ताओं के परिजनों को 50 लाख रुपये की राशि मुआवजे के तौर पर दी जाएगी। इसके साथ मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा) अनुबंध पर बहाल कर्मी हैं, जिनकी भर्ती सरकारी योजनाओं, मुख्य तौर पर स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को लागू करवाने की दिशा में काम करने के लिए किया गया है। 

बता दें कि अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से राज्यव्यापी आंदोलन कर रही आशा कार्यकर्ताओं के आगे सरकार झुक गई है और उनकी विभिन्न मांगों में से वेतन बढ़ाने और कोरोना काल में कार्य करने वाली कार्यकर्ताओं को भत्ता देने के साथ -साथ हर आशा कार्यकर्ताओं को एक स्मार्टफोन देने का निर्णय लिया है।


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