सरकारी जमीनों पर धड़ल्‍ले से हो रहा कब्‍जा

मनपा से शिकायत के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई

BMC

मुंबई

कोरोना महामारी के बीच मुंबई में अवैध निर्माणों की बाढ़ सी आ गई है। स्थानीय नेताओं की सहायता से सरकारी जमीनों पर कब्जा जमाया जा रहा है और अवैध रूप से झोपड़े खड़े किए जा रहे है। मनपा से शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नही की जा रही है। कोर्ट का हवाला देकर मनपा प्रशासन भी जानबूझकर कार्रवाई करने से कतरा रही है। भूमफ़िया इसका फायदा उठा कर अवैध निर्माण कर रहे है। सांताक्रुज पश्चिम में पोस्ट आफिस की जमीन पर कब्जा कर उस पर अवैध निर्माण करने की तैयारी की जा रही है।

बता दे कि सांताक्रूज पश्चिम में गीता विहार हॉटेल के पास वैभव सोसायटी के करीब पोस्ट आफिस की जमीन पर अवैध निर्माण करने की तैयारी की जा रही है। मनपा के एच पूर्व वार्ड को इसकी शिकायत दस दिन पूर्व की गई है। इसके बावजूद अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने को लेकर मनपा की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। कोरोना काल मे अवैध निर्माण की बाढ़ से आ गई है। मुंबई हाईकोर्ट ने अवैध निर्माण पर 30 जून तक तोड़क कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया है, ऐसा मनपा अधिकारियों का कहना है। लेकिन इस बीच कोर्ट ने यह नहीं कहा है कि नया अवैध निर्माण हो रहा है तो उस पर कार्रवाई न करे। कोरोना की आड़ में स्थानीय नेताओं की सह पर भू माफियाओं द्वारा सरकारी जमीनों का बड़े पैमाने पर कब्जा किया जा रहा है। सरकारी जमीनों पर हो रहे कब्जे की मनपा के पास शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नही की जा रही है। मनपा अधिकारी सिर्फ कोरोना का बहाना बना कर अवैध निर्माण को बढ़ावा देने में जुटे हैं। मुंबई के झोपड़पट्टी वाले इलाकों में दो से तीन मंजीला झोपडो की भरमार होती जा रही है। बड़े पैमाने पर अवैध रूप से मंजिल के ऊपर मंजिल बनाने का काम किया जा रहा है। मनपा की नींद तब खुलेगी जब मालाड जैसी कोई बड़ी दुर्घटना घटेगी और कोर्ट का डंडा पड़ता है।

असल्फा में मनपा की जमीन पर हो रहा है अवैध निर्माण

असल्फा विलेज के पास (सर्वे क्रमांक 23, हिस्सा क्रमांक 25) पर मनपा की 11460 वर्ग मीटर जमीन पर दो से तीन मंजिला अवैध निर्माण किया जा रहा है। इस जमीन पर कुछ दिन पहले आग लग गई थी, जिसमें 22 से 23 गाला पूरी तरह जलकर खाक हो गये थे। आग की घटना पर साकीनाका पुलिस थाने में अवैध निर्माण को लेकर शिकायत भी दर्ज है। अब उसी जगह पर अवैध निर्माण किया जा रहा है, जिसकी शिकायत मनपा के एल वार्ड के सहायक आयुक्त से लेकर मनपा आयुक्त तक के पास गई है। मनपा अधिकारी अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने के बजाय आंख मूंद कर अवैध निर्माण करने दे रहे हैं। अवैध रुप से बनाए गए मकानों के गिरने पर किसी की जान जाने के बाद मनपा अधिकारियों की नींद खुलेगी तब तक काफी देर हो चुकी हो गई होगी।

उल्लेखनीय है की मुंबई में कोरोना की आड़ में अवैध निर्माण का बोलबाला है। कोर्ट ने लोगों को राहत देने के लिए यह कहकर किसी का घर नहीं तोड़ने की कार्रवाई करने का आदेश दिया है कि कोरोना काल में किसी को परेशान नहीं किया जाए। कोर्ट के आदेश का यह मतलब नहीं कि अवैध निर्माण कर कई मंजिला इमारत खड़ी कर ली जाए। असल्फा में चल रहे अवैध निर्माण की तो अजब कहानी है, यह जमीन मनपा की गार्डेन के लिए आरक्षित है। मनपा की आरक्षित जमीन होने के बावजूद स्थानीय नेताओं की सहायता से भूमाफिया मनपा की जमीन पर दो से तीन मंजिला की ईमारत खड़ी कर रहे है। स्थानीय रहिवासी ने एल वार्ड के सहायक आयुक्त मनीष वाळूंजे के पास शिकायत की है। इतना ही नहीं मनपा उपयुक्त से लेकर मनपा आयुक्त इकबाल सिंह तक के पास शिकायत दर्ज कराई है।  इसके बावजूद मनपा अधिकारी अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने से टालमटोल कर रहे हैं। मनपा कार्रवाई करने के लिए तब आएगी जब कोई बड़ी दुर्घटना अवैध निर्माण स्थल पर हो जायेगी उसके बाद। मनपा अधिकारियों के देख-रेख में मुंबई में अवैध झोपड़ पट्टियों की भरमार हो रही है। अधिकारी अवैधनिर्माण पर कार्रवाई करने से कतराते हैं।


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