निजी अस्पतालों की मनमानी वसूली पर लगाम

 शहरों में इलाज की दर तय    मुख्यमंत्री ने अधिसूचना को दी मंजूरी


मुंबई

कोरोना की दूसरी लहर में ग्रामीण इलाके भी प्रभावित हुए हैं। ऐसे में कोविड उपचार के लिए निजी अस्पतालों में आने वाले मरीजों से अधिक वसूली रोकने और आम लोगों को राहत देने के लिए निजी अस्पतालों में इलाज की दर तय करने वाली अधिसूचना को मुख्यमंत्री ने मंजूरी प्रदान की है। इसके अनुसार शहरों का वर्गीकरण कर इलाज की दर तय की गई है। इन तय दरों से अधिक रकम की वसूली नहीं जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित जिला कलेक्टरों और नगर आयुक्तों को इस अधिसूचना को सख्ती और प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। निजी अस्पतालों में कोविड संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए 80 प्रतिशत बेड सरकार द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार और शेष 20 प्रतिशत बेड के लिए निजी अस्पतालों द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार चार्ज करने की अधिसूचना समाप्त हो गई। इसका विस्तार करते हुए शहरों के वर्गीकरण के अनुसार इसमें संशोधन किया गया है। इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि उन्हें और उपमुख्यमंत्री अजित पवार को दर कम करने के लिए कई निवेदन मिले थे। 

उपमुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य स्वास्थ्य गारंटी सोसायटी के परामर्श से गांवों और कस्बों का वर्गीकरण कर दरों में बदलाव का निर्णय लिया गया और प्रस्ताव को मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री के पास भेजा गया। पिछली अधिसूचना में बड़े शहरों के अस्पतालों और दूरदराज के इलाकों के अस्पतालों के लिए इलाज की दरें एक समान थीं। 


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