तुर्की के ड्रोन से दुनिया में खलबली


अंकारा

 साल 2020 एक सैनिक रूसी टी-72 टैंक के पास खड़ा है। तभी ड्रोन से दागी गई एक मिसाइल आकर उससे टकराती है। पल भर में आग और धुएं के गुबार ने आसमान को ढंक लेता है। जब तस्वीर साफ होती है तो दिखता है कि उस जवान के दोनों पैर उड़ गए हैं, जबकि टैंक अब आग का गोला बन गई है। जी हां, यह घटना आर्मीनिया-अजरबैजान युद्ध की है। जिसमें नागोर्नो-काराबाख पर कब्जे को लेकर दोनों देशों ने दो महीने से भी ज्यादा समय तक एक-दूसरे से युद्ध लड़ा। तकनीकी विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धियों ने सस्ते विकल्प तैयार किए हैं। यही कारण है कि तुर्की को अब उसके ड्रोन के कई खरीदार भी मिल रहे हैं। पिछले साल तुर्की ने दुनिया के सामने अपना बायरकटार टीबी 2 सशस्त्र ड्रोन प्रदर्शित किया था। अमेरिकी MQ-9 की तुलना में तुर्की का TB2 हल्के हथियारों से लैस है। इसमें चार लेजर- गाइडेड मिसाइलें लगाई जा सकती हैं। इस ड्रोन को रेडियो गाइडेड होने के कारण 320 किमी के रेंज में ऑपरेट किया जा सकता है।


Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget