बारिश से महानगर का जनजीवन अस्त-व्यस्त

पहले दिन की बारिश ने खोली मनपा के दावों की पोल l जगह-जगह भरा पानी, ट्रैफिक जाम ने रोकी रफ्तार  l सेंट्रल, हार्बर रेलवे पड़ी ठप, वाहन पड़े बंद    


मुंबई 

मंगलवार की सुबह से शुरू हुई मानसून की पहली बरसात ने बुधवार को रफ्तार महानगर का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। दिन भर हुई बारिश के चलते मुंबई के निचले इलाकों में पानी जमा हो गया, जिससे मनपा के 104 प्रतिशत नाला सफाई दावों की पोल खुल गई। जगह-जगह सड़कों पर पानी भरने से ट्रैफिक जाम रहा, जिसमें लोग घंटों फंसे रहे। बड़ी संख्या में बेस्ट बसों के साथ रिक्शे, टैक्सियां और निजी वाहन बंद पड़ गए, जिससे ट्रैफिक जाम तो हुआ ही लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल भी ठप हो गई। कुछ स्टेशनों पर तो पानी प्लेटफार्म छूने को बेकरार दिखा।   

मैंने कभी नहीं कहा कि मुंबई में नहीं भरेगा पानी-महापौर   

महापौर ने कहा कि शहर वासियों को जलजमाव से समस्या हो रही है। स्थिति को देखते हुए जहां पानी रुका हुआ है, वहां अतिरिक्त उपाय किए जा रहे हैं। मुंबई में जगह-जगह पानी भरने के बाद महापौर ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि मुंबई में पानी नहीं भरेगा, जबकि अभी पिछले महीने ही नाला सफाई का जायजा लेते समय महापौर ने कहा था कि मुंबई में पानी नहीं भरेगा। 

हिंदमाता की समस्या का जल्द होगा समाधान-आयुक्त

मनपा आयुक्त ने कहा कि मुंबई में भारी बारिश के बाद भी सड़कों पर जलजमाव हुआ है। हिंदमाता में 4 फीट ऊंची सड़कें बनने के कारण इस जगह का यातायात इस समय नहीं रुका। यहां भूमिगत टैंकों के साथ प्रयोग हो रहे हैं। एक बार यह काम पूरा हो जाने के बाद यहां बाढ़ की समस्या हमेशा के लिए दूर हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि गांधी मार्वल के पास परियोजना से जगह की जल संग्रहण की समस्या का समाधान हो जाएगा। हिंदमाता के बेहद निचले इलाके में बनाए गए रैंप के कारण यातायात बाधित रहा। प्रति घंटे 60 मिलीमीटर से अधिक बारिश होने से पानी को निकलने के लिए कुछ घंटे तो लगते हैं। 

महापौर किशोरी पेंडणेकर ने मुलुंड, भांडुप के सीमा नाला, उषा नगर नाला सहित पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों का दौरा कर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया। साथ ही स्थानीय विभाग कार्यालयों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया। उल्लेखनीय है कि मनपा ने इस साल 104 प्रतिशत नाला सफाई हो जाने का दावा किया था, हर साल की अपेक्षा इस साल दोगुना पैसा, लगभग 80 करोड़ से अधिक नाला सफाई पर खर्च किया गया लेकिन ढाक के वही फिर तीन पात साबित हुए।  

पहली बारिश में खुली मनपा के दावों की पोल 

मानसून की पहली बारिश ने मनपा के सभी दावों की पोल खोल दी। हिंदमाता, किंग सर्कल, दादर, अंधेरी सबवे, बांद्रा सब वे में पानी भर गया, जिससे लोगों का बुरा हाल हुआ। मौसम विभाग ने नौ से 11 जून तक भारी बारिश की चेतावनी पहले ही दी थी। मंगलवार से ही मुंबई में बारिश शुरू हो गई थी जो बुधवार की सुबह तेज हो गई। बिजली की कड़कड़ाहट के साथ तेज हवाएं भी चल रही थीं। समुद्र में सुबह 11.43 बजे 4.16 मीटर की हाईटाइड होने के कारण उठी लहरों से और परेशानी पैदा हुई।

अंधेरी सब वे में फस गई एंबुलेंस 

अंधेरी सब वे में पानी भरने से एक एंबुलेंस उसमें फंस गई जो पूर्व से पश्चिम की ओर जा रही थी। स्थानीय लोगों की मदद से एंबुलेंस के ड्राइवर और उसमें फंसे अन्य लोगों को बाहर निकाल कर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।

किंग सर्कल में भी फंसी गाड़ियां, दमकल विभाग ने की मदद 

किंग सर्कल के पास तीन से चार फिट पानी जमा हो गया था। इसके चलते बड़ी संख्या में गाड़ियां पानी में फंस गई थीं। दमकल विभाग को जानकारी मिलने पर घटना स्थल पर पहुंच कर उन्हें बाहर निकालने में मदद की। इस दौरान बेस्ट की एक बस भी फंस गई, जिसके ड्राइवर को स्थानीय लोगों की सहायता से निकाला गया। 

मीठी नदी उफान पर, लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया 

भारी बारिश के चलते मीठी नदी भी उफान पर आ गई। आनन-फानन में इसके किनारे रहने वालों को वहां से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। मीठी नदी के किनारे का क्रांति नगर सबसे ज्यादा प्रभावित होता है इसलिए यहां के रहिवासियों को पहले सुरक्षित स्थान पर हटाया गया।

दीवार गिरने और शार्ट सर्किट की  घटी घटनाएं 

मूसलाधार बारिश के कारण मुंबई में तीन जगहों पर घरों की दीवारें  ढह गई। संयोग से इन घटनाओं में कोई हताहत नहीं हुआ। इसके अलावा 13 जगहों पर शॉर्ट सर्किट की भी घटनाएं घटीं। इसमें भी कोई हताहत नहीं हुआ। शॉर्ट सर्किट की पांच घटना पूर्वी उपनगर और पांच घटना पश्चिमी उपनगर में जबकि तीन घटना मुंबई में घटी।

लोकल सेवा भी पड़ी ठप 

बुधवार को मुंबई में हुई भारी बारिश से सड़कों पर जहां जगह-जगह पानी भर गया, वहीं रेलवे ट्रैक पर भी पानी भर गया। जबकि मनपा ने रेलवे के कलवर्ट साफ करने का दावा किया था। हर साल रेलवे खुद अपना कलवर्ट साफ करती थी, लेकिन इस साल मनपा ने साफ किया था। बुधवार की सुबह से ही कुर्ला और सायन के बीच पटरियों पर पानी भर गया, जिससे मध्य रेलवे की लोकल सेवा कुर्ला से सीएसटीएम के बीच ठप हो गई। पटरियों पर पानी भरने से दोपहर तक सीएसएमटी से थाना तक लोकल बंद हो गई। इसी तरह चूनाभट्टी परिसर में रेलवे पटरियों पर पानी भरने से सीएसटीएम से  मानखुर्द के बीच की लोकल सेवा ठप हो गई। सीएसटीएम से बांद्रा के बीच चलने वाली हार्बर लाइन की सेवा भी बंद हो गई। पश्चिम रेलवे की लोकल गाड़ियां धीमी गति से चलती रहीं, जिससे बोरीवली, नालासोपारा, वसई विरार, भाईंदर की ओर रहने वाले लोगों को कम परेशानी झेलनी पड़ी। मध्य रेलवे की सीएसटीएम थाना मानखुर्द और हार्बर लाइन की बांद्रा तक सेवा शाम तक ठप रही।

बस में हुई लीकेज, ड्राइवर ने लगाई छतरी 

मूसलाधार बारिश से जहां सभी क्षेत्र की हालत खस्ता रही तो वहीँ लोगों की सेवा में जुटे बेस्ट कर्मचारियों का भी बुरा हाल रहा। बस कंडक्टरों को पानी मे खड़ा होकर टिकट देने के लिए मजबूर होना पड़ा। एक बस में तो पानी अंदर टपक रहा था। बस ड्राइवर के सिर पर पानी गिरने से जब उसे बस चलाने में दिक्कत होने लगी तो एक यात्री ने अपनी छतरी उसे दी, जिसे लगाकर उसने बस और लोगों को गंतव्य तक पहुंचाया। बैकबे आगार से निकली बस हाल ही में बेस्ट बेड़े में भाड़े पर ली गई है, जो वातानुकूलित है।

बारिश ने बदली बेस्ट की राह 

मंगलवार सुबह से ही हो रही बारिश से बुधवार की सुबह सड़कों पर जगह-जगह पानी भर गए। सड़कों पर ज्यादा पानी भरने से बेस्ट को अपने मार्ग भी बदलने पड़े। कई जगहों पर तो कमर तक पानी भरा हुआ था। सड़कों पर पानी भरने तथा मानखुर्द स्टेशन के पास पानी भरने से  501, 502, 504, 505 सहित इस मार्ग पर चलने वाली अन्य बसों को ब्रिज से चलाया गया। इसी तरह सायन रोड नंबर 24 पर पानी भरने से बस नंबर 7, 10, 25 नंबर की बसों को पूर्व एक्सप्रेस हाइवे से चलाया गया। गांधी मार्केट के पास पानी भरने से 5,  6, 7, 8, 21 और 27 नंबर की बसों को रुइया कॉलेज से वडाला ब्रिज पर चलाया गया। कमानी, बैल बाजार, शीतल, कल्पना के पास पानी भरने से 7, 10 और 22 नंबर की बसें घाटकोपर पूर्व एक्सप्रेस हाइवे से चलाई गई। अंधेरी पिंकी सिनेमा पास पानी भरने से 308, 392,  441, 339 की बसों को ओल्ड नागरदास रोड से चलाना पड़ा। हिंदमाता के पास पानी भरने से 1, 4, 5 ,6, 7, 8 ,11  ,21 40 और 368 नंबर की बस को हिंदमाता फ्लाई ओवर से चलाना पड़ा। जबकि एअर इंडिया कॉलोनी के पास पानी भरने से 322, 311, 517, 330 बसों को मुंबई यूनिवर्सिटी से चलाना पड़ा। नेशनल कॉलेज के पास पानी भरने से 4, 33, 83, 84 नंबर की बसों को हिंदूजा रोड, लिंक रोड से चलाना पड़ा। आरसीएफ कॉलोनी के पास पानी भरने से 263, 430 नंबर की बस को माहुल रोड से चलाया गया। अंधेरी मार्केट एसवी रोड पर पानी भरने से 202, 203, 201, 4 नंबर आदि बसों को इंडियन ऑयल से चलाया गया। अजीत ग्लास के पास पानी भरने से 201, 202,  203 नंबर की बस को बहराम बाग से चलाना पड़ा। इसी तरह खोदादाद सर्कल के पास दादर टीटी में पानी भरने से  27, 88, 351,  305, 385 नंबर बसों को माहिम कलानगर सायन होकर निकालना पड़ा। 

पानी भरने से बंद पड़ीं 50 बसें  

सड़कों पर जमा हुए पानी से बेस्ट बसों में पानी भर गया जिससे अनेक स्थानों पर बसें बंद पड़ गई। जगह-जगह हुए जलजमाव से बेस्ट की बस डूब सी गई थी। बेस्ट डिपो से लोगो की सुविधा के लिए 3,349 बसें सड़क पर उतरी थीं, जिनमें पानी भरने के कारण 50 बसें खराब हो कर बंद पड़ गई थीं। 


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