कांदिवली फर्जी टीकाकरण मामला

मुंबई

मुंबई की एक अदालत ने कांदिवली की एक आवासीय सोसायटी में फर्जी कोविड टीकाकरण शिविर आयोजित कर सदस्यों के साथ धोखाधड़ी करने के मामले में आरोपी डॉक्टर की अग्रिम जमानत अर्जी सोमवार को खारिज कर दी।  दिंडोशी सत्र अदालत में 22 जून को आरोपी द्वारा अग्रिम जमानत की याचिका दायर की गयी थी, जिसमें आरोपी डॉ. मनीष त्रिपाठी ने कहा था कि इस मामले में मुख्य आरोपी एक निजी अस्पताल है, लेकिन मुंबई पुलिस इसके शक्तिशाली एवं राजनीतिक पहुंच रखने वाले मालिकों को बचा रही है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एल एस चव्हाण ने सोमवार को आरोपी की अर्जी खारिज कर दी। पुलिस को दी गई शिकायत में आवासीय सोसायटी ने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने खुद को एक निजी अस्पताल का प्रतिनिधि बताकर वहां रहने वाले लोगों के साथ फर्जी टीकाकरण शिविर आयोजित कर धोखाधड़ी की। हीरानंदानी हेरिटेज हाउसिंग सोसायटी में 30 मई को 390 लोगों के लिए अवैध कोविड टीकाकरण शिविर आयोजित करने के आरोप में 17 जून को कांदिवली पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने इस मामले में अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।


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