50 से अधिक उम्र के सरकारी कर्मियों की कार्य दक्षता का होगा मूल्यांकन

मुजफ्फरपुर

जीवन के 50 वर्ष पूरे कर चुके सरकारी कर्मचारियों को नई चुनौती से पार पाना होगा। सरकार के आदेश के आलोक में डीएम प्रणव कुमार ने 50 वर्ष से अधिक उम्र के कर्मचारियों की कार्य क्षमता और उनके व्यवहार का मूल्यांकन करने के लिए डीडीसी डॉ. सुनील कुमार झा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति बनाई है। जिन कर्मचारियों की कार्य क्षमता और आचार-व्यवहार अनुकूल नहीं पाया जाएगा उनकी अनिवार्य सेवानिवृत्ति की अनुशंसा की जाएगी।इस उम्र के कर्मचारियों की सत्यनिष्ठा संदिग्ध होने की स्थिति में अन्य कारकों पर विचार किए बिना उनकी अनिवार्य सेवानिवृत्ति की अनुशंसा कर दी जाएगी। वहीं कर्मी की कार्यदक्षता का मूल्यांकन पिछले पांच वर्षों के कार्य को देखते हुए किया जाएगा। 

इस आधार पर तय किया जाएगा कि लोकहित में उन्हें सेवा में बनाए रखा जा सकता है या नहीं। इस मूल्यांकन के पीछे सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी आधार है। इसमें कहा गया है कि जब किसी सरकारी सेवक की सेवा सामान्य प्रशासन के लिए उपयोगी नहीं रह जाए तो उसे लोकहित में अनिवार्य सेवानिवृत्ति कराई जा सकती है। बेहतर प्रशासन के लिए अनुपयोगी सरकारी सेवकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति कराए जाने का निर्णय लेने के क्रम में उसके पूर्ण सेवा इतिहास को संज्ञान में लिया जाना चाहिए। यह आदेश संविधान के अनुच्छेद 311 के प्रविधान के तहत दंड नहीं माना जाएगा।

समिति में इन्हें किया गया है शामिल

डीडीसी के अलावा समिति में अपर समाहर्ता राजेश कुमार, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला स्थापना उप समाहर्ता एवं सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग को शामिल किया गया है।  


Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget