इशरत जहां मुठभेड़ की जांच करने वाले आईपीएस वर्मा को नहीं मिली राहत


नई दिल्ली

गुजरात में 2004 के बहुचर्चित इशरत जहां मुठभेड़ कांड की जांच करने वाले वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) से राहत नहीं मिली। गुजरात हाईकोर्ट द्वारा मुठभेड़ की जांच के लिए गठित एसआईटी के सदस्य रहे आईपीएस अधिकारी सतीश चंद्र वर्मा के खिलाफ पद के दुरुपयोग सहित विभिन्न आरोपों में सरकार ने तीन विभागीय जांच शुरू की है। सरकार ने वर्मा पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, इनमें इशरत जहां मुठभेड़ मामले को लेकर मीडिया में बयान देकर सरकार की छवि खराब करने का भी आरोप है। न्यायाधिकरण के अध्यक्ष जस्टिस एल.एन. रेड्डी और सदस्य ए.के. बिश्नोई की पीठ ने केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई के खिलाफ 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी वर्मा की ओर से दाखिल तीनों याचिकाओं को खारिज कर दिया। पीठ ने कहा है कि मामले से जुड़े तथ्यों और इस तरह के मामलों को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तय सिद्धांतों के मद्देनजर हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। न्यायाधिकरण ने वर्मा की उन दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया कि इशरत जहां मुठभेड़ मामले की जांच रिपोर्ट प्रशासन को पसंद नहीं आई और इसकी वजह से गुजरात के तत्कालीन सत्ताधारी दल जब केंद्र में सरकार में आया तो उनके खिलाफ इन आरोपों में जांच शुरू की। 


Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget