मानसूनी बीमारियों का मुंबई में बढ़ा ग्राफ


मुंबई

कोरोना की दूसरी लहर को नाकाम करने में मनपा सफल हो रही है,वहीं अब बारिश से होने वाली बरसाती बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। जनवरी 2021  से 11 जुलाई 2021 तक  मलेरिया के 1991 , गैस्ट्रो के 1384 और डेंगू के 57 मामले सामने आए हैं। सबसे बड़ी बात है  कि मानसूनी बीमारी से इस साल अभी तक  किसी की मृत्यु नहीं हुई है, लेकिन बारिश ने मुंबईकरों की चिंता बढ़ा दी है।

कोरोना की पहली लहर पिछले साल मार्च में आई थी, जबकि फरवरी 2021 के मध्य में कोरोना की दूसरी लहर ने मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ। हालांकि राज्य सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों और मनपा द्वारा किए गए प्रभावी उपायों के कारण अब कोरोना नियंत्रण में है। दूसरी लहर में रोजाना मरीजों की संख्या 11 हजार का आंकड़ा  पार कर चुकी थी, जो अब घटकर 500 रह गई है। हालांकि बारिश से होने वाली बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। मनपा ने बारिश की बीमारी से निपटने  के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। मई आखिरी में केईएम, नायर, सायन और कूपर के मुख्य अस्पतालों सहित 16 उपनगरीय अस्पतालों में 1,500 बेड मानसूनी बीमारियों के इलाज के लिए तैयार किए।  इसके अलावा डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों सहित मरीजों के लिए खाट की व्यवस्था की गई है।


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