जिलों की समीक्षा कर घोषित करेंगे मुआवजा : ठाकरे

आज लेंगे पश्चिमी महाराष्ट्र के हालात का जायजा l  चिपलून के मुख्य बाजारपेठ व्यापारियों से मुलाकात


मुंबई 

बाढ़ से प्रभावित चिपलून के हालात का जायजा लेने पहुंचे राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि लोकप्रियता हासिल करने के लिए वे तुरंत कोई घोषणा नहीं करेंगे। राज्य की बाढ़ की स्थिति की संपूर्ण समीक्षा कर मुआवजे की घोषणा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि बार-बार आने वाले प्राकृतिक आपदाओं पर विचार कर जिला स्तर पर एक यंत्रणा बनाई जाएगी। ठाकरे ने कहा कि सवाल केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने की नहीं, बल्कि नुकसान से प्रभावित नागरिकों और व्यापारियों को फिर से उनके पैरों पर खड़ा करना पहली प्राथमिकता है।

अपने चिपलून दौरे के वक्त मुख्यमंत्री ने शहर के व्यापारियों और नागरिकों से बातचीत की। इस दरम्यान उन्होंने बाजारपेठ में हुए नुकसान का जायजा लिया। इसके बाद समीक्षा बैठक लेकर प्रशासन से अभी तक के राहत और बचाव कार्य की जानकारी हासिल की। इस दौरान उनके साथ पालक मंत्री अनिल परब, उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत, सांसद विनायक राऊत, विधायक भास्कर जाधव, राजन सालवी, मुख्य सचिव सीताराम कुंटे आदि उपस्थित थे।

केंद्र से मिल रही है मदद

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सोमवार को पश्चिमी महाराष्ट्र का दौरा करेंगे और वहां के हालात का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद दो से तीन दिनों में आर्थिक नुकसान की समीक्षा की जाएगी। इस बीच तत्काल मदद के रूप में भोजन, दवा, कपड़े और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश जिला कलेक्टर को दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सहायता करते वक्त कोई भी तकनीकी मुद्दों पर अड़चन नहीं आने दी जाएगी। ठाकरे ने कहा कि केंद्र सरकार से उचित मदद मिल रही है। मेरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी बात हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीआरएफ, सेना और वायु सेना की टुकड़ियां बाढ़ की स्थिति में राज्य सरकार की सहायता कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र से वित्तीय सहायता की मांग पूरी तरह से समीक्षा के बाद ही की जाएगी। बैठक की शुरुआत में कलेक्टर डॉ. बीएन पाटिल ने नुकसान और बचाव कार्य व मदद की जानकारी दी।

फूट-फूट कर रोई महिला

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने चिपलून में व्यापारियों से कहा कि आपकी दुकानों का सामान खराब हो गया है, आप इसकी चिंता मत कीजिए। आप सब सुरक्षित हैं ना। अपना सामान देखें, बाकी हम पर छोड़ दें। इस दौरान एक महिला ने रोते हुए कहा कि हमें आश्वासन नहीं, मदद चाहिए। हमें यूं ही छोड़ कर मत जाइये, हमारी मदद कीजिए। मुख्यमंत्री ने रविवार दोपहर 1 बजे चिपलून में मुख्य बाजार का मुआयना किया। इस  दौरान उन्होंने गांधी चौक में व्यापारियों से मुलाकात की। कुछ निवासियों ने कहा कि यदि स्थानीय प्रशासन ने उन्हें बाढ़ के बारे में पहले से सचेत कर दिया होता तो वे अपना 50 प्रतिशत सामान बचा सकते थे। एक दुकानदार ने कहा कि यहां हम सबने अपना सब कुछ खो दिया है। 

हम केवल अपनी जान बचा सकते हैं और कुछ नहीं। हमारी दुकानों का बीमा नहीं है। एक अन्य निवासी ने बाढ़ की भयावहता को याद करते हुए कहा कि हमने देखा कि भारी बारिश के कारण पानी का स्तर 2 बजे (मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात को) बढ़ रहा था। 2 से 3 घंटे के भीतर जल स्तर 10 से बढ़कर 15 फुट हो गया। हमने किसी तरह अपनी जान बचाई, लेकिन हमारा सामान और घर क्षतिग्रस्त हो गया।


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