फ़ीस के लिए पैरेंट्स पर दबाव बनाने वाले स्कूलों पर की जाएगी कार्रवाई : गायकवाड़

स्कूल की मान्यता हो सकती है रद्द

varsha gaikwad

मुंबई

शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के तहत सभी को शिक्षा का अधिकार है। कोरोना महामारी के कारण छात्रों के पैरेंट्स की आर्थिक स्थिती ख़राब हो गई  है। ऐसे बड़ी संख्या में छात्रों को कुछ शिक्षण संस्थानों द्वारा शिक्षा से वंचित किया गया है, जिसे गंभीरता से लेते हुए राज्य की शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। बुधवार को शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूल फीस के लिए छात्रों की शिक्षा रोकने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई के साथ -साथ उनकी स्कुल की मान्यता रद्द की जाएगी। उन्होंने शिक्षा संस्थानों को चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी शैक्षणिक संस्थान और प्रबंधक किसी भी छात्र को स्कूली शिक्षा से दूर नहीं रख सकते हैं। फीस भरने के दबाव और स्कूल से निष्कासन जैसी शिकायत आने के बाद उस स्कुल पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।इस संबंध में वर्षा गायकवाड़ ने अधिकारियों को अवैध स्कूलों की मान्यता रद्द कर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। बतादें कि बीते दिनों नवी मुंबई में छात्रों के फ़ीस को लेकर अभिभावकों ने आंदोलन किया था और स्कूल के खिलाफ माता-पिता सड़कों पर उतर आए थे, क्योंकि स्कूल प्रबंधन फीस की वसूली की मांग कर रहा था,जिसमे अभिभावकों का आरोप था कि स्कुल में छात्रों को ऑनलाइन नहीं पढ़ाया इसके बावजूद फ़ीस की मांग कर रही है। इससे माता-पिता चिंतित हैं। कुछ स्कुल ने डाक से नोटिस भेजा है, जबकि अन्य को ऑनलाइन नोटिस भेजकर कहा गया है कि अगर वे सात दिनों के भीतर फीस का भुगतान नहीं करते हैं, तो उन्हें स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा । स्कूल शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ द्वारा कार्रवाई की चेतावनी के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि स्कूल प्रबंधन क्या भूमिका निभाएगा। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 15 जुलाई तक 12वीं का रिजल्ट घोषित किया जा सकता है। 


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