ट्रांसपोर्टेशन हुआ महंगा


नई दिल्ली

पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों का असर ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर भी पड़ने लगा है। ट्रांसपोर्टर्स ने माल भाड़े में सीधी बढ़ाेतरी की बजाय लोडिंग-अनलोडिंग, डाला, गद्दी, कांटा परची और चाय-पानी आदि के खर्च के भार को ग्राहकों पर डाल दिया है। इससे माल-भाड़े के अलावा अन्य खर्चाें की वजह से माल ढुलाई करीब 10 से 15 प्रतिशत महंगी हो जाएगी। माल ढुलाई महंगी होने का असर सब्जी, दूध से लेकर हर प्रकार के सामानों पर पड़ेगा। ट्रांसपोर्टरों के सबसे बड़े संगठन ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) ने इस बढ़ोतरी का ऐलान किया है। एआईएमटीसी के अध्यक्ष कुलतारण सिंह अटवाल ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दामों, कोरोनाकाल और सरकार की नीतियों की वजह से ट्रांसपोर्ट की माली हालत खराब हो गई है। फिर भी बढ़ोतरी की बजाय अन्य खर्चों को ग्राहकों की तरफ शिफ्ट किया गया है। वैसे भी, यह खर्च ग्राहकों के ही होते थे, लेकिन ज्यादातर ट्रांसपोर्टर खुद ही वहन कर लेते थे। अब संगठन से जुड़े सभी सदस्यों को कहा गया है कि वे लोडिंग-अनलोडिंग, डाला, गद्दी, कांटा परची, मुंशीयाना और चाय-पानी का भार अपने ग्राहक या व्यापारी पर डालें। एआईएमटीसी की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। 

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