कोर्ट ने मधुबनी एसपी को लगाई फटकार

कहा- कानून की जानकारी नहीं, ट्रेनिंग के लिए भेजा जाए

झंझारपुर (मधुबनी)

झंझारपुर व्यवहार न्यायालय के एडीजे प्रथम अविनाश कुमार ने भैरवस्थान थाना क्षेत्र की एक लड़की के अपहरण के मामले में पुलिस की ओर से सही धारा नहीं लगाए जाने पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। कोर्ट ने एसपी, डीएसपी, थानाध्यक्ष के अलावा व्यवहार न्यायालय के एक न्यायिक अधिकारी पर भी सवाल खड़े किए हैं। कोर्ट ने मधुबनी एसपी डॉ. सत्य प्रकाश के खिलाफ डीजीपी, गृह मंत्रालय, राज्य व केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। अपने पत्र में कोर्ट ने टिप्पणी की है कि मधुबनी एसपी को कानून एवं सुसंगत धारा लगाने की सही जानकारी नहीं है। उन्हें आईपीएस ट्रेनिंग सेंटर, हैदराबाद में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाए। कोर्ट ने डीजीपी को पत्रांक 363, केंद्र सरकार को पत्रांक 361, राज्य सरकार को पत्रांक 362 के तहत एक साथ पत्र जारी किया है। एडीजे कोर्ट ने भैरवस्थान थाना में दर्ज एक एफआईआर में धारा 376, पास्को एवं बाल विवाह अधिनियम 2006 नहीं लगाने पर पुलिस की कानूनी जानकारी पर सवाल उठाए हैं। भैरवस्थान थाना क्षेत्र की एक महिला ने अपनी पुत्री के अपहरण की एफआईआर कराई थी। इसमें बलवीर सदाय, उसके पिता छोटू सदाय व उसकी मां को आरोपी बताया गया था। इस कांड के मुख्य अभियुक्त बलवीर सदाय 25 फरवरी 2021 से जेल में बंद है। पुलिस ने धारा 363, 366 ए एवं 34 के तहत मामला दर्ज किया था। इस केस में एसपी की रिपोर्ट -2 आ चुकी है। कोर्ट के अनुसार इसमें पाॅस्को, बलात्कार और बाल विवाह अधिनियम की धारा अनिवार्य रूप से लगाई जानी चाहिए। कोर्ट में लड़की की उम्र 19 वर्ष बताई गईं थी, जिसे एसीजेएम कोर्ट ने भी तत्काल माना था, मगर अभियुक्त को जमानत नहीं दी थी। बाद में मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में उस लड़की की उम्र मात्र 15 साल बतायी गयी थी। 


Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget