बच्चों के लिए खेलकूद जरूरी


खेल बच्चों के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है। खेल के माध्यम से बच्चे रचनात्मक रूप से सोचना और सामाजिक रूप से बातचीत करना सीखते हैं। साथ ही वे खेल के जरिये शारीरिक रूप से मजबूत और विकसित होते हैं। अगर स्‍पष्‍ट शब्‍दों में कहा जाए तो खेल बच्चों के विकास के लिए बहुत जरूरी हैं। इससे उनका चिड़चिड़ापन कम होता है और वे बाहर के माहौल में अन्‍य लोगों के साथ काफी कुछ सीखते हैं। 2012 के एक अध्ययन के हवाले से बताया गया है कि खेलने से बच्‍चों का तनाव कम होता है। इसलिए बच्‍चों के बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य और विकास के लिए खेल बहुत जरूरी हैं।

रहते हैं सेहतमंद

बच्चे सक्रिय रहना पसंद करते हैं। इससे उनकी सेहत अच्‍छी रहती है। खेलने से बच्‍चों की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं और हड्डियों के घनत्व में सुधार करते हैं और कार्डियो-वैस्कुलर फंक्शन को बढ़ाते हैं। इस तरह खेल को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से बच्‍चों के स्‍वास्‍थ्‍य पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

बढ़ती है रचनात्मकता

खेल के दौरान बच्चे अक्सर बड़ों की नकल करते हैं। ऐसे में जब कोई बच्चा ऐसा करता है, तो वह एक तरह से अपनी कल्पना शक्ति को बढ़ा रहा होता है। इस तरह बच्‍चे खेल के माध्‍यम से कइ्र तरीकों से सोचना सीखते हैं। एकान्त खेल उतना ही मूल्यवान हो सकता है जितना कि ग्रुप में खेले जाने वाले खेल। यह बच्चों को स्वतंत्रता की एक मजबूत भावना प्रदान करके और रचनात्मकता को बढ़ावा देकर सामाजिक परिस्थितियों के लिए तैयार करने में मदद करता है।

चिड़चिड़ापन कम होता है

नियमित रूप से खेलने से बच्चों में चिंता, तनाव और चिड़चिड़ापन कम हो सकता है। साथ ही उनमें खुशी की भावना और उनका आत्म-सम्मान भी बढ़ता है। खेल के माध्यम से बच्चे जीवन की चुनौतियों का सामना कर सकने में सक्षम होते हैं।

मस्तिष्क का विकास करता है

विभिन्न विशेषज्ञ इस बात से सहमत हैं कि मस्तिष्क के विकास के लिए खेल जरूरी हैं। इनका बच्‍चों की बुद्धि और अन्‍य कई तरह से बेहतर प्रभाव पड़ता है। खेल वह जगह है जहां बच्चे सामाजिक तौर पर एक दूसरे से जुड़ते हैं। वे खेलों के जरिये आत्म-नियंत्रण सीखते हैं।


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